रोक के बावजूद स्टोन क्रशर चलाने के मामले में पांच स्टोन क्रशर मालिक फंस गए हैं। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनजीटी के नियमों का उल्लंघन करने वाले क्रशर मालिकों को कारण बताओ नोटिस देकर जुर्माना किया है। हरेक पर 50-50 लाख का जुर्माना किया है। नोटिस का क्रशर मालिक को एक सप्ताह के अंदर जवाब देना होगा।
एनजीटी द्वारा सभी क्रशर को चार नंबर से बंद करने के आदेश दिए थे। इसी के तहत सभी एसडीओ को अपने-अपने क्षेत्र में पड़ने वाले स्टोन क्रशर का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए थे। एसडीओ की टीम ने खानक का निरीक्षण किया तो वहां अनियमितताएं मिली। रोक के बावजूद स्टोन क्रशर पर काम होना पाया गया। 18 नवंबर को टीम ने निरीक्षण किया था। जिसकी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी गई। जिसके बाद अब प्रदूषण विभाग ने इसी पर कार्रवाई करते हुए क्रशर मालिक को नोटिस जारी किए गए हैं। पांच स्टोन क्रशर मालिकों को अनियमितता पाए जाने पर 50-50 लाख रुपये के कारण बताओ नोटिस जारी किए है। जिन्हें उचित कारण नहीं पाए जाने पर जुर्माना राशि में तबदील कर दिया जाएगा। ये नोटिस स्टोन क्रशर हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के भिवानी क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से जारी किए गए हैं। स्टोन क्रशर मालिकों को सात दिनों में इसका जवाब देना होगा।
भिवानी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय अधिकारी दिनेश यादव ने बताया कि एनजीटी के आदेशों के अनुपालन के लिए भिवानी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की एक टीम का गठन किया गया था। जिसने निरीक्षण के दौरान खानक गांव में स्टोन क्रशर में अनियमितता पाई। इसलिए उन्हें पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के सेक्शन-5 व सेक्शन-31ए के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किए है और उचित कारण नहीं बताए जाने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए 50 लाख रुपये का दावा भी कारण बताओ नोटिस में दिया गया है। अगले सात दिनों के दौरान इन स्टोन क्रशर मालिकों को इसका जवाब देने का समय निर्धारित किया गया हैं।
क्रशर संचालकों में मचा हड़कंप : खानक क्षेत्र के स्टोन क्रशर संचालकों में जुर्माने के नोटिस के बाद हड़कंप मच गया है। वीरवार को दिनभर ये ही चर्चाएं रही। वही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एनजीटी के निर्देशों पर उनके अगले आदेशों तक स्टोन क्रशर को बंद रखे जाने को लेकर अपनी कार्रवाई में लगा हुआ है। इस कार्रवाई के चलते प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बेहतर कार्य होता नजर आ रहा है।