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Bhiwani News: तीन माह से बंद पड़े ईंट भट्ठों पर स्टॉक हुआ खत्म, निर्माण परियोजनाओं पर छाया संकट

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भिवानी। हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही पिछले तीन माह से ईंट-भट्ठों की चिमनियां भी शांत हैं। ईंट भट्ठों पर पुराना स्टॉक भी अब लगभग खत्म हो चुका है। इसकी वजह से जिले में चल रही बड़ी निर्माण परियोजनाओं पर भी संकट छाया है। हालांकि कई परियोजनाओं में तो अब ईंटों की बजाए कंकरीट व सरिया इस्तेमाल हो रहा है।
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ईंटों के महंगे होने से भवन निर्माण कर पाना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं ईंट भट्ठों पर प्रवासी मजदूरी का भी संकट बना है, यही वजह है कि अब तक केवल 30 फीसदी लेबर ही पहुंची है। ईंट भट्ठों एसोसिएशन पदाधिकारी भी उप मुख्यमंत्री से मिलकर एनसीआर से बाहर किए जाने की मांग उठा चुके हैं।
भिवानी जिले में 116 ईंट भट्ठों आधुनिक तकनीक से संचालित किए जा रहे हैं। फिलहाल इन भट्ठों पर ईंट उत्पादन पिछले तीन माह से बंद पड़ा है। जबकि पुराने सीजन का स्टॉक भी लगभग खत्म हो चुका है। ईंटों को लेकर किल्लत बनी हैं वहीं नए सीजन में अब तक उत्पादन भी शुरू नहीं हुआ है। एनजीटी व ग्रेप के आदेशों से ईंट भट्ठों को फिलहाल बंद रखने के ही आदेश हैं। ऐसे में मार्च तक भट्ठों पर ईंट उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। कोयला महंगा हो गया है, लेकिन इसका ईंट भट्ठों पर इस्तेमाल पर भी प्रतिबंद लगा है। जिससे स्थिति और विकट बनी है। नए सीजन में तैयार होने वाली ईंटों पर भी महंगाई की मार पड़ेगी। फिलहाल ईंटों का मार्केट भाव भी 6600 से सात हजार के पार हो गया है। जबकि सीजन में ये ईंटें पांच हजार से 5200 रुपये तक बिक रही थी। इसी तरह क्रॅशरों पर भी खनन कार्य बंद होने से स्टॉक का अभाव है। क्रॅशर बंद होने के कारण भी सरकारी परियोजनाओं पर विपरीत असर देखा जा रहा है वहीं भवन निर्माण सामग्री भी काफी महंगी हो रही है।
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ईंट भट्ठों पर प्रवासी मजदूरों ने भी की तौबा
जिले में 116 ईंट भट्ठों पर हर साल यूपी, बिहार व अन्य प्रांतों से हजारों प्रवासी मजदूर ईंट पथाई के लिए आते हैं। प्रत्येक ईंट भट्ठा पर पथाई और ईंट निकासी की करीब 300 से अधिक लेबर हो जाती है। मगर अब तक केवल 30 फीसदी लेबर ही मुश्किल से भट्ठों पर पहुंची है। काम ठप होने की वजह से आर्थिक नुकसान भी भट्ठा मालिक झेल रहे हैं। वहीं प्रवासी मजदूरों का रोजगार भी ठप हो गया है।
जून माह से ही ईंट भट्ठे बंद हैं। एनसीआर क्षेत्र में आने वाले ईंट भट्ठों को फरवरी तक बंद रखा जाएगा। इसके बाद कोर्ट की अनुमति के बाद ही कुछ ईंट भट्ठों का संचालन संभव होगा।
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-आरके भौंसले, एसडीओ जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भिवानी।
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