डाकघरों में एटीएम सुविधा, बैंकिंग सुविधा लागू कर सरकार बेशक डाक-विभाग को हाइटेक करने पर जोर दे रही हो, लेकिन हकीकत में इन योजनाओं को सिरे चढ़ाने के लिए विभाग मैन-पावर की समस्या से जूझ रहा है। एक ओर जहां स्टॉफ की कमी होने के कारण अन्य कर्मचारियों का वर्कलोड बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर नए कर्मचारियों की भर्ती नहीं की जा रही।
जिले के डाकघरों में लगभग 30 क्लर्क पद साल भर से रिक्त पड़े हुए है। गत वर्ष केंद्र सरकार की नई भर्ती में विभाग को 15 कर्मचारी मिलने थे, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में खामी पाए जाने पर रद्द कर दी गई। इस प्रक्रिया में हरियाणा राज्य समेत राजस्थान, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात के करीबन 2100 भर्तियां होनी थी। अब डाक विभाग को कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की नई भर्तियों के इंतजार में है।