भिवानी। सूर्य ग्रहण के कारण दिनभर मंदिरों के कपाट बंद रहे और गर्भवती महिलाएं भी पूरा दिन घर पर ही रही। जिले में मंगलवार को सूर्य ग्रहण शाम 04:32 से 05:43 तक रहा। इसका सूतक सुबह ब्रह्म मुहुर्त में 04:32 से शुरू शाम 05:43 पर रहा। संयोग रहा कि इस बार दीपावली की रात से ही सूर्य ग्रहण सूतक आरंभ हो गया। वहीं बच्चों ने भी मिरर और एक्सरे सीट के माध्यम से सूर्य ग्रहण देखा।
श्रीकांत शास्त्री दुल्हेडी वाले ने बताया कि दीपावली की रात से ही सूर्य ग्रहण का सूतक आरंभ हो गया। इस बार सूर्यग्रहण करीब चार घंटे तीन मिनट का रहा और इस ग्रहण का मोक्ष भारत में पूर्ण रूपेण देखा गया। श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि सूर्यग्रहण के बारे में नियम है कि इसका सूतक ग्रहण आरंभ होने से 12 घंटे पहले लग जाता है। इसलिए 24 अक्तूबर दीपावली की रात दो बजकर 29 मिनट से सूर्यग्रहण का सूतक आरंभ हुआ। दीपावली की रात को ग्रहण का सूतक लग जाने से तंत्र साधना और सिद्धि के लिए यह रात बेहद खास रही।
कुरुक्षेत्र स्नान के लिए छह बसें हुई रवाना
भिवानी से सूर्य ग्रहण के लिए छह रोडवेज बसें चलाई गई। ये बसें सुबह से ही यात्रियों को कुरुक्षेत्र ले जाने के लिए लगाई गई थी। हालांकि छुट्टी होने की वजह से अन्य रूटों पर इन बसों का कोई असर नहीं पड़ा। जबकि कुरुक्षेत्र में सूर्य ग्रहण स्नान के लिए जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी रही। हालांकि प्रत्येक बस में 52 से कम ही यात्री रहे।
बडदू चैना में बच्चों ने देखा सूर्य ग्रहण
भिवानी। इस साल के अन्तिम सूर्यग्रहण के दौरान एक क्लब ने एक मिरर की सहायता से एक्टिविटी आयोजित की। जिसमें दीवार पर सूर्य ग्रहण होते चित्र को दिखाया गया और यूट्यूब के माध्यम से भी लाइव दिखाया गया।
क्लब सदस्यों ने बच्चों को सूर्यग्रहण क्यों और कैसे होता की जानकारी दी कि जब सूर्य व पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ जाता है तब सूर्यग्रहण की स्थिति उत्पन्न होती है। सुरक्षित सौरदर्शक से भी ग्रहण को देखकर बच्चे काफी खुश नजर आए व उनकी जिज्ञासा सौरमंडल की गतिविधियों में बढ़ती हुई देखी गई।