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Bhiwani News: दिवाली पर पूरे शहर को जगमगाने के लिए नवंबर के प्रथम सप्ताह में आएंगी साढ़े छह हजार स्ट्रीट लाइटें

Mon, 23 Oct 2023 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी।
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दिवाली पर अब पूरे शहर को जगमगाने के लिए नवंबर के प्रथम सप्ताह में साढ़े छह हजार स्ट्रीट नई लाइटें नगर परिषद के पास पहुंच जाएंगी। इतना ही नहीं शहर में अमृत प्रथम चरण में कराए गए सीवरेज, पेयजल और वाटर टैंकों के विकास कार्यों की अब जांच कराई जाएगी। इसके लिए जल्द ही कमेटी गठन के विधायक और डीएमसी ने संकेत दिए हैं।
पिछले डेढ़ साल से लटके पूरे शहर की सफाई के साढ़े छह करोड़ के मसौदे पर नगर परिषद अधिकारियों को अब मात्र दस दिन की तय समय सीमा के अंदर ही फाइल पर पेडिंग काम पूरा करना होगा। इसके निर्देश भी डीएमसी एवं अतिरिक्त उपायुक्त अनुपमा अंजलि ने दिए हैं।
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नगर परिषद हाउस सदन की बैठक में सोमवार को पहली बार विधायक और डीएमसी ने एक साथ बैठकर शहर के विकास के मसौदों पर अधिकारियों और पार्षदों से सीधी बात की। इसका नतीजा यह निकला कि नगर परिषद अधिकारियों की बहानेबाजी की कलई भी खुल गई। वहीं डीएमसी ने अब तक लटकाए जा रहे टेंडर और नगर परिषद विकास कार्यों के अहम मसलों पर भी अधिकारियों को आड़े हाथों लेकर उन कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
डीएमसी ने पूरे शहर की स्ट्रीट लाइट पर नाराजगी जताई तो वहीं उन्होंने यह भी खुलासा किया कि नवंबर के प्रथम सप्ताह में शहर भर में लगाने के लिए साढ़े छह हजार नई स्ट्रीट लाइटें आएंगी। इससे दिवाली की जगमगाहट में भी चार चांद लगेंगे। वहीं स्ट्रीट लाइट रखरखाव कार्य के चार माह से भुगतान नहीं होने पर भी अधिकारियों को निर्देश दिए और खराब स्ट्रीट लाइटों को तुरंत दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
अमृत प्रथम फेज में कराए गए विकास कार्यों में भी बड़े स्तर पर गड़बड़झाले की आशंका है। इसकी अब जांच कराए जाने के संकेत डीएमसी ने दिए हैं। उन्होंने इसकी जांच के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ एक अलग एजेंसी के अधिकारियों की कमेटी बनाने की बात कही है। जो पूरे प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट डीएमसी को सौंपेगी।






डीएमसी ने पूछा दो एमई फिर भी टेंडर क्यों नहीं लग रहे

डीएमसी ने नगर परिषद में बैठक में नगर परिषद अधिकारियों से पूछा कि दो एमई हैं, फिर भी विकास कार्यों के टेंडर क्यों नहीं लग रहे। इस पर अधिकारी कर्मचारियों की कमी का बहाना बताते दिखे। जिस पर चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप ने कहा कि पूरे शहर में साढ़े छह करोड़ से सफाई का मसौदा तीन बार तैयार किया, लेकिन हर बार अधिकारियों ने कमी छोड़ दी। इस वजह से डेढ़ साल से ये मसौदा लटका है। इस पर डीएमसी ने मात्र दस दिन में लंबित फाइल का काम पूरा कराने के निर्देश दिए। वहीं शहर के अन्य विकास कार्यों के टेंडर में किसी तरह की ढिलाई नहीं करने पर भी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी।





अधिकृत कॉलोनी को भी पीआईडी बनवाते समय अनधिकृत दर्शा रहा पोर्टल

बैठक में यह भी मुद्दा उठा कि अधिकृत कॉलोनी दायरे में प्रॉपर्टी आईडी को पोर्टल अनधिकृत कॉलोनी में दर्शा रहा है। इस वजह से प्रॉपर्टी आईडी न तो दुरुस्त हो रही हैं न ही ट्रांसफर हो रही हैं। ये उलझन अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा पोर्टल पर गलत जानकारी अपलोड किए जाने की वजह से हुई है। इस पर डीएमसी ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने ऐसे केस सिंगल स्टडी कर इसे एक सप्ताह में निपटान के निर्देश दिए हैं।





20 फुट पानी की लाइन डलवाने के लिए भी अमृत टू का इंतजार

पार्षद विनोद ने सवाल उठाया कि 20 फुट पानी की पाइप लाइन डलवानी है। अधिकारी इसे अमृत फेज टू में करने का हवाला दे रहे हैं। ये कार्य डेढ़ साल से अटका है। महज 20 फुट पाइप के टुकड़े के लिए भी अमृत टू का इंतजार करना पड़ रहा है। ये कब शुरू होगा किसी को कुछ नहीं पता।





सफाई नहीं करने वाले कर्मचारियों की खैर नहीं

डीएमसी के समक्ष कई पार्षदों ने उनके वार्डों में सफाई नहीं होने की बात कही। जिस पर सफाई निरीक्षक से पूछा तो वह भी चुप रहे। जिसके बाद डीएमसी ने कहा कि पूरे शहर में सफाई का एक अलग से व्हाट्सएप ग्रुप बनाओ और उसमें उसे भी एड करें। अगर किसी इलाके में सफाई नहीं हो रही है तो मुझ तक ये बात पहुंच जाएगी। जिसके बाद संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी।





भवानी प्रताप और विनोद चावला के बीच तनातनी बढ़ी

बैठक मेें चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप और पार्षद प्रतिनिधि विनोद चावला के बीच किसी बात को लेकर बैठक के दौरान ही तनातनी बढ़ गई। माहौल गर्म होने लगा तो अन्य पार्षदों ने बीच बचाव करना पड़ा।
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शहर की सभी अनधिकृत कॉलोनियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित कराया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है। कोई भी कॉलोनी या हिस्सा नहीं छोड़ा जाएगा। सरकार द्वारा जो नियम तय किए गए हैं। उन सभी मापदंडों को पूरा करने के बाद ही मसौदा मुख्यालय भेजेंगे ताकि वह बिना किसी रुकावट के मंजूर हो जाए। जिन कार्यों को अधिकारियों ने अभी तक पूरा नहीं किया हैं, उन्हें तय समय में पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।

-अनुपमा अंजलि डीएमसी व अतिरिक्त उपायुक्त, भिवानी।
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