भिवानी। चिकित्सकों की कमी के चलते बवानीखेड़ा नागरिक अस्पताल में चौबीसों घंटे की आपात सेवाएं बंद करने का आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह आदेश अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी द्वारा जारी किया गया था।
सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने कहा कि चिकित्सा अधिकारी प्रभारी को ऐसे आदेश जारी करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है और स्पष्ट किया कि अस्पताल में किसी भी तरह की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।
पिछले कुछ दिन पहले गांव बलियाली के स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी के कारण धनाना सीएचसी में ड्यूटी का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि बवानीखेड़ा अस्पताल में आपात सेवाओं को बंद करने का आदेश जारी किया गया। आदेश में कहा था कि चिकित्सकों की कमी के कारण आपात सेवाएं बंद रहेंगी और केवल ओपीडी सेवाएं चालू रहेंगी। कुछ अर्से से चिकित्सकों की कमी का हवाला देकर आपात सेवाएं बंद करने का आदेश 16 मार्च का है। इस पर सिविल सर्जन ने संबंधित चिकित्सा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।
ऑन कॉल पहुंचेंगे आपात विभाग में चिकित्सक
सिविल सर्जन डॉक्टर रघुवीर शांडिल्य से बवानीखेड़ा नागरिक अस्पताल में आपात सेवाएं बंद करने के आदेश पर पूछा गया तो उन्होंने बताया कि चिकित्सा अधिकारी प्रभारी को ऐसे आदेश जारी करने का कोई अधिकार नहीं है। अगर चिकित्सकों की कमी है तो आपात विभाग में ऑन कॉल चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जा सकती है। लेकिन बाकी स्टाफ तो आपात विभाग में चौबीसों घंटे तैनात रहेगा। इस संबंध में संबंधित चिकित्सा अधिकारी प्रभारी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। बवानीखेड़ा नागरिक अस्पताल में सभी चिकित्सा सेवाएं पहले की तरह ही नियमित बहाल रहेंगी।