भिवानी। जोगीवाला शिव मंदिर धाम स्थित शिवालय में श्रावण माह के प्रथम सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ गंगाजल अभिषेक के लिए उमड़ी। जोगीवाला शिव मंदिर धाम के शिव सरोवर में सोमवार को महंत वेदनाथ महाराज ने गोमुख, गंगोत्री और हर की पौड़ी पर गंगा नदी सहित कई तीर्थ स्थानों से लाया गया जल विसर्जन कर आचमन व जल तैयार किया है, ताकि सरोवर से जल लेकर जोगी वाला शिव मंदिर स्थित शिवलिंग पर जलाभिषेक किया जा सके।
महंत वेदनाथ महाराज के द्वारा मंदिर में चार पहर की पूजा, अर्चना शुरू की गई है, जोकि हर सोमवार व शिवरात्रि तक जारी रहेगी। भगवान शिव व सोमवार की महिमा बताते हुए महंत वेदनाथ महाराज ने कहा कि भगवान शिव को पूजा के लिए सोमवार का दिन अति प्रिय होता है। भोले के भक्त सोमवार के दिन ही भोले की पूजा करते हैं। श्रावण में भोले सौम्य हो जाते हैं। इसलिए सोमवार के दिन की पूजा को अति महत्व माना जाता है। उन्होंने कहा कि भोलेनाथ सौम्य एवं आदि अनादि हैं, जिनकी चार पहर की पूजा करने से फल मिलता है।
उन्होंने कहा कि यह माह चारों तरफ प्रकृति की सुंदरता को भी बढ़ाता है। इसलिए हमें अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए। इस अवसर पर प्रदीप नाथ महाराज, गोपाल नाथ, राजेश गोदारा, प्रवीण गोयल, मास्टर गोपाल कृष्ण, अशोक शर्मा, जयभगवान, रानी सती आदि मौजूद रहे।
भोले नाथ को चाहे घास चढ़ाए या बादाम, वह खुश हो जाते हैं : अशोकगिरी
भिवानी। छोटी काशी के प्रसिद्ध जहर गिरी मंदिर आश्रम के शिवालय में शिव लिंग पर श्रावण माह के प्रथम सोमवार को गंगाजल अभिषेक किया। महंत डॉ. अशोक गिरी महाराज व काफी संख्या में शिव भक्तों ने सोमवार को शिवलिंग पर गंगा जल चढ़ाया। महंत डॉ. अशोक गिरी महाराज ने कहा कि सोमवार की विशेष महिमा होती है जो भी शिव की आराधना करते हैं वह शिवलिंग पर चाहे घास चढ़ाएं या बादाम, शिव खुश हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी हर परंपरा में भोलेनाथ पूजनीय हैं। देवताओं और दानवों ने भोले की पूजा की तो भोलेनाथ इतने भोले हैं कि हर किसी को सहज उपलब्ध हो जाते हैं। इस अवसर पर कैलाश गिरी महाराज, संगम गिरि महाराज, पंडित बसंत शास्त्री, मोहनदत्त शर्मा, दीपू सेन, नरेंद्र बॉक्सर, लेह सुनाई, मोजी प्रजापति आदि मौजूद रहे।