भिवानी। आज राष्ट्रीय अंगदान दिवस है। समाज में ऐसे कई लोग हैं जो अपनों के साथ ही दूसरों को नया जीवन देने के लिए अंगदान करने में जुटे हुए हैं। कोई रक्तदान, किडनी दान तो कोई नेत्रदान करने में जुटा है। कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने संपूर्ण देहदान का भी संकल्प लिया है। हमारे शहर छोटी काशी में सात लोग ऐसे हैं, जिन्होंने मरणोपरांत देहदान का संकल्प लिया है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वाली संस्था स्टैंड विद नेचर के अध्यक्ष लोकेश भिवानी की अगुवाई में अनेक कार्यकर्ताओं ने खुद और परिवार समेत देहदान का फॉर्म भरकर मरणोपरांत देह दान का संकल्प लिया है। संस्था के कार्यकर्ता विक्रांत वर्मा, विद्या देवी, पूजा वर्मा, विष्णु कुमार, जसनीत बर्मन, कृष्ण ओझा, अमन बूरा आदि कार्यकर्ताओं ने देहदान का संकल्प लिया है।
एक बच्चे की मौत के बाद उठाया कदम
लोकेश ने बताया कि उन्होंने एक दिन अस्पताल में एक बच्चे को देखा, जिसके दिल में छेद होने की वजह से उसका ज्यादा समय तक जीवित रहना संभव नहीं था। चिकित्सकों का कहना था की हार्ट की व्यवस्था अगर परिवार कर दे तो हार्ट ट्रांसप्लांट कर बच्चे को नई जिंदगी दी जा सकती है, लेकिन ऐसा कोई बंदोबस्त वह परिवार नहीं कर पाया और वह बच्चा नहीं बच पाया। उसी समय उन्होंने मरणोपरांत देह दान का संकल्प लिया।
लोकेश ले चुके है परिवार सहित अंगदान का संकल्प
स्टैंड विद नेचर के संस्थापक लोकेश भिवानी ने बताया कि उन्होंने 25 जून 2019 में अपने 22वें जन्मदिन पर परिवार सहित अंगदान का संकल्प लिया था। लोकेश बताते हैं कि उन्होंने अब तक संस्था के माध्यम से 100 से अधिक लोगों से अंगदान का संकल्प करवा चुके हैं। संस्था के माध्यम से इस अमूल्य योगदान के लिए समय-समय पर सेमीनार और संगोष्ठी भी आयोजित की जाती है, जिनके माध्यम से समाज में जागृति लाने का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही संस्था जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर देशभर में काम कर रही है। साथ ही पर्यावरण और स्वास्थ्य को लेकर भी लोगों को जागरूक कर रही है।
कौन कर सकता है अंगदान
भारत के राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल (एनएचपी) के मुताबिक कोई भी स्वस्थ व्यक्ति स्वेच्छा से अंगदान के लिए नेशनल ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करा सकता है। 18 साल से अधिक आयु वाले लोग अंगदान के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। किडनी, फेफड़ा, लीवर, आंख, अग्न्याशय या आंत के आंशिक हिस्से को दान किया जा सकता है। (संवाद)
अंगदान के लिए होगा रजिस्ट्रेशन
शरीर का अंगदान करना जीवन का सबसे बड़ा दान है। इसके लिए सभी को जागरूक होना चाहिए, ताकि दूसरा का जीवन बच सके। जिले के किशान लाल जालान नेत्र अस्पताल में नेत्रदान की व्यवस्था है। कोई भी अगर नेत्रदान करना चाहता है तो रजिस्ट्रेशन कर नेत्रदान कर सकता है। साथ ही अंगदान के लिए रजिस्ट्रेशन होगा, उसके बाद मरणोपरांत शरीर के अंग अन्य किसी के लिए जीवन दान का काम करेंगे।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।