फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यौन शोषण मामले में आरोपी वार्डन गिरफ्तार

Sat, 30 Jul 2016 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
बाल आश्रम में किशोर के यौन शोषण के आरोपों के बाद शुक्रवार को आरोपी आश्रम वार्डन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। उधर वार्डन की गिरफ्तार से बाल आश्रम में भी हड़कंप मचा है और आश्रम पदाधिकारियों और स्टाफ सदस्यों की मामले को लेकर बैठक भी हुई।
विज्ञापन


बीते शनिवार को रोहतक में लावारिस हालत में मिले एक किशोर को चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी सदस्य बाल आश्रम में छोड़ने गए तो किशोर ने वार्डन पर गंभीर आरोप लगाए। किशोर ने यौन शोषण के आरोप लगाए। जिसके बाद पुलिस ने वार्डन पर मामला दर्ज किया। आश्रम के अन्य बच्चों ने भूख हड़ताल भी की। मामले की जांच के लिए पुलिस टीम के साथ एक कमेटी बनाई गई। कमेटी सदस्यों ने आश्रम में रहने वाले 11 अन्य किशोरों के बयान लिए। बुधवार को आरोप लगाने वाले किशोर के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष करवाये गए। बयानों की कॉपी पुलिस को मिलने के बाद शुक्रवार को पुलिस ने आश्रम से वार्डन अमर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का अस्पताल में मेडिकल करवाया गया और कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

दो दफा आश्रम से भाग चुका है किशोर
आरोप लगाने वाले किशोर को पहली बार नौ अक्तूबर 2015 को बाल आश्रम में छोड़ा गया था जो 28 दिसंबर 2015 को यहां से भाग गया। बाद में उसे पुलिस ने दूसरे जिले में ढूंढा। चार जून 2016 को दोबारा सीडब्ल्यूसी ने बच्चे को बाल आश्रम में रखवाया और 13 जून को बच्चा चरखी दादरी की परिवर्तन सोशल एंड वेलफेयर सोसायटी के पास अस्थायी तौर पर छोड़ा गया। यहां से किशोर फरार हो गया। रोहतक से किशोर ने स्वयं फोन कर परिवर्तन संस्था के सदस्यों को अपनी जानकारी दी। जिसके बाद टीम सदस्य बच्चे को रोहतक से लाए। बाल संरक्षण अधिकारी जब बच्चे को बाल आश्रम में छोड़ने आए तो यहां आश्रम सदस्यों ने रखने से इंकार कर दिया। इसी दौरान किशोर ने आश्रम के वार्डन पर यौन शोषण के आरोप लगाए।
विज्ञापन


इंकार करने के बाद क्यों लगाए आरोप
वार्डन की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार सायं आश्रम में पदाधिकारियों व स्टाफ सदस्यों की बैठक हुई। वार्डन की गिरफ्तारी पर पर कुछ सदस्य नाराज थे। उनका कहना था कि आश्रम में जब किशोर को रखने से इंकार किया गया, उसके बाद यौन शोषण के आरोप लगाए गए। बच्चों दो दफा आश्रम से भाग चुका है और इस कारण आश्रम की बदनामी होती है। इसी कारण रखने से इंकार किया गया था। रखने से इंकार किया तो यौन शोषण के आरोप लगा दिए। वार्डन को  झूठे मामले में फंसाया जा रहा है और यह किसी की साजिश है।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें