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मानसिक परेशानी के समय अपनों से मदद लेना जरूरी : डॉ. गरिमा

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जागरूकता कार्यक्रम के दौरान मौजूद छात्राएं व स्टाफ।
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बहल। राजकीय महिला महाविद्यालय में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मनोविज्ञान की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गरिमा यादव ने छात्राओं को मानसिक परेशानी में परिवार, शिक्षक या विशेषज्ञ से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
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उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और आत्महत्या की रोकथाम के प्रति जागरूक किया। मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण प्रकोष्ठ तथा महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में वीरवार को कार्यक्रम हुआ।
मुख्य वक्ता डॉ. गरिमा ने मानसिक तनाव, अवसाद, नकारात्मक विचारों और भावनात्मक समस्याओं के संकेतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानसिक परेशानी की स्थिति में सहायता लेना जरूरी है। भावनाओं को दबाने के बजाय विश्वसनीय व्यक्ति से बात करनी चाहिए।
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कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि समय पर बातचीत, भावनात्मक सहयोग और उचित मार्गदर्शन आत्महत्या की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मदद मांगना कमजोरी नहीं बल्कि साहस की निशानी है। मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. संदीप ने विशेषज्ञ वक्ता डॉ. गरिमा यादव का स्वागत किया।
उन्होंने छात्राओं से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील रहने और जरूरत पड़ने पर बिना झिझक सहायता लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी ज्योति ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञ वक्ता, स्टाफ और छात्राओं का आभार व्यक्त किया। संवाद
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