भिवानी। बवानीखेड़ा के एचएसवीपी सेक्टर की खस्ताहाल सड़कों से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से चली आ रही क्षेत्रवासियों की मांग पर सड़कों के सुधार के लिए 1 करोड़ 83 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। परियोजना के तहत करीब साढ़े तीन किलोमीटर क्षेत्र की सड़कों का कायाकल्प होगा। साथ ही जल निकासी और सड़क किनारों के कटाव को रोकने के लिए भी विशेष प्रबंध किए जाएंगे।
नगर पालिका अध्यक्ष सुंदर अत्री ने बताया कि सेक्टर की सड़कों की हालत लंबे समय से खराब है। कई जगह सड़कें उबड़-खाबड़ हैं और गड्ढों के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। स्थानीय निवासी सड़कें सुधरवाने की मांग लगातार उठा रहे थे। अब परियोजना को मंजूरी मिलने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत सेक्टर की मुख्य और आंतरिक सड़कों का निर्माण नए सिरे से किया जाएगा। पुरानी और क्षतिग्रस्त सड़कों को उखाड़कर उच्च गुणवत्ता वाले तारकोल से नई सड़कें बनाई जाएंगी। इससे वाहन चालकों का आवागमन सुगम होगा। धूल-मिट्टी की समस्या से भी राहत मिलेगी।
सुंदर अत्री के अनुसार सड़क निर्माण के साथ उनके दोनों ओर सीमेंटेड टाइलें लगाई जाएंगी। बरसात के दौरान पानी के बहाव से किनारों की मिट्टी कटने और सड़क कमजोर होने की समस्या सामने आती है। टाइलें लगने से कटाव रोकने में मदद मिलेगी। इससे सड़क की मजबूती बनी रहेगी और पैदल चलने वालों को भी सुविधा मिलेगी।
जल निकासी के लिए लगेंगी जालियां
सड़कों पर बरसाती पानी जमा होने से रोकने के लिए जल निकासी व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाएगा। इसके तहत विशेष जालियां लगाकर ड्रेन को मुख्य सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा। जालियों से कचरा सीवर में जाने से रुकेगा। इससे सीवर जाम होने और गंदा पानी सड़कों पर जमा होने की समस्या कम होगी।
नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि परियोजना की औपचारिकताएं और टेंडर प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही हैं। योजना के अनुसार काम चला तो दिवाली से पहले सेक्टरवासियों को सड़कों के सुधार की सौगात मिल सकती है। उन्होंने बताया कि एचएसवीपी सेक्टर के पार्कों के सुधार के लिए भी एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। इसकी स्वीकृति मिलते ही पार्कों का नवीनीकरण कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
पार्कों के नवीनीकरण की भी तैयारी
बवानीखेड़ा के एचएसवीपी सेक्टर में सड़कों के सुधार के साथ पार्कों की दशा बदलने की भी योजना है। नगर पालिका अध्यक्ष सुंदर अत्री ने बताया कि पार्कों के सुधार के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद नवीनीकरण का काम शुरू कराया जाएगा। इससे सेक्टर के निवासियों को बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध हो सकेंगे।