न्यायालय द्वारा अटैच की गई एसडीएम की गाड़ी।
भिवानी। सिविल जज सीनियर डिविजन के आदेश पर वीरवार को भिवानी एसडीएम की गाड़ी अटैच की गई। दरअसल, अक्तूबर 2018 के एक फैसले की पालना नहीं किए जाने पर न्यायालय ने एसडीएम की गाड़ी अटैच करने के आदेश दिए। इसके बाद कोर्ट के आदेशों को गाड़ी पर चस्पा देने के बाद उसे न्यायालय के आदेश पर जब्त कर लिया गया।
सेवानिवृत्त कर्मचारी राजबीर सिंह ने बताया कि उन्हें अक्तूबर 2018 में कोर्ट के आदेश पर पदोन्नत किया गया था। पदोन्नति के सभी लाभ छह माह के अंदर देने के आदेश भी न्यायालय ने दिए थे। इसमें न्यायालय ने यह भी आदेश दिया था कि लाभ नहीं देने पर 12 फीसदी ब्याज भी भुगतान करना होगा, लेकिन इसके बावजूद भी संबंधित अधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारी को कोई लाभ नहीं दिया।
राजबीर सिंह ने इस मामले में 2019 में फिर न्यायालय में चला गया। इसमें उसने चार लाख 23 हजार 461 रुपये का लाभ नहीं देने का हवाला दिया था। इसी मामले में सिविल जज सीनियर डिविजन सोहनलाल मलिक की अदालत ने भिवानी एसडीएम की गाड़ी को अटैच करने के आदेश दिए। इसके बाद न्यायालय की प्रक्रिया के तहत पहले एसडीएम की गाड़ी पर नोटिस चस्पा किया गया और फिर उसे कोर्ट के आदेश पर जब्त कर लिया।