नगर परिषद के चुनाव भले ही हो चुके हों मगर फर्जी वोट के खुलासे अब भी हो रहे हैं। अब आरटीआई में खुलासा हुआ है कि बिना एसडीएम के साइन के ही फर्जी वोट बना दिए गए। 79 वोटों की जांच में यह सामने आया है। इसके अलावा भी करीब एक सौ फर्जी वोट है। इतना ही नहीं एक-एक व्यक्ति के अलग-अलग तीन-तीन वोट बने हैं। फर्जी बीएलओ बनकर वोट बनाए गए। बीएलओ के हस्ताक्षर भी अलग-अलग हैं।
वार्ड पांच से पार्षद ईश्वर मान ने इसकी शिकायत की थी और आरटीआई से जानकारी मांगी थी। आरटीआई मेें हुए खुलासे सबके लिए हैरानी भरे है। पालुवास और बाढड़ा क्षेत्र के गांव हड़ौदा के राशन कार्डों की कॉपी पर फर्जी वोट बनाए गए हैं। इनमें गांव के नाम की जगह कटिंग कर शहर की कॉलोनियों कीर्ति नगर, विकास नगर डाल दिया गया जबकि जो मकान नंबर दिए गए वहां कोई अन्य रह रहे है।
फर्जी बीएलओ का बड़ा खुलासा हुआ। बीएलओ का नाम अजीत सिंह और अजीत सिंह के फर्जी हस्ताक्षर से फर्जी वोट बनाए गए है।
ईश्वर मान ने बताया कि नगर परिषद अधिकारियों और एक प्रशासनिक अधिकारी की मिलीभगत से फर्जी वोट बनाने का खेल खेला गया। इसकी जांच में यह सामने भी आ चुका है। ऐसे में जिला प्रशासन को इस मामले में आरोपियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
कब से कब तक एडमिट रहे एसडीएम
नप चेयरमैन के चुनाव की पहली बार निर्धारित तिथि वाले दिन एसडीएम बीमार हो गए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था। पार्षद ईश्वर मान ने आरटीआई से जानकारी मांगी कि एसडीएम अस्पताल में कब से कब तक भर्ती रहे। अस्पताल प्रशासन की ओर से यह जानकारी देने से पहले एसडीएम से जानकारी मांगी गई और एसडीएम ने इसे निजी जानकारी होने की बात कहकर देने से इनकार कर दिया।