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Bhiwani News: एसडीएम ने खाली कराए रामलीला मैदान के कमरे

Fri, 27 Sep 2024 09:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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​भिवानी जिले में लोहारू के रामलीला मैदान में कमरा खाली करवाने को पहुंचे एसडीएम मनोज कुमार दलाल।
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लोहारू। शहर की बोहरा धर्मशाला में पिछले करीब 20 दिन से रामलीला मंचन के लिए अभ्यास किया जा रहा है लेकिन रामलीला मैदान में बने कमरों की चाबी न मिलने के कारण आयोजकों में खासी नाराजगी थी। यह मामला चर्चा का विषय बनने के साथ तूल पकड़ता जा रहा था। इसलिए एसडीएम मनोज कुमार दलाल वीरवार को मौके पर पहुंचे। उन्होंने रामलीला मैदान के कमरों में संचालित सिलाई केंद्र खाली करा इन कमरों की चाबी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष दौलतराम सोलंकी को सौंप दी। तभी लोगों ने राहत की सांस ली।
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लोहारू में रामलीला के कलाकारों ने पिछले वर्ष रामलीला मंचन से इन्कार कर दिया था। इसके बाद युवा प्रदीप सैनी के नेतृत्व और सहयोग से वृंदावन से आए कलाकारों ने लोहारू में रामलीला का मंचन किया था। पिछले महीने भी वृंदावन के कलाकारों ने प्रदीप सैनी की अगुवाई में रामलीला मैदान में 11 दिनों तक कृष्ण लीला का मंचन किया था लेकिन इस बार लोहारू के रामलीला कलाकारों ने नपा के पूर्व प्रधान दौलतराम की अध्यक्षता मेंं रामलीला मंचन का निर्णय लिया।
इसके लिए वहां कलाकारों को अभिनय सिखाया जा रहा है। दौलतराम ने एसडीएम से बाकायदा अनुमति ली। आयोजन समिति के सदस्यों ने चंदा जुटाना भी शुरू कर दिया था लेकिन अनुमति के 20 दिन बाद भी रामलीला के कलाकारों और आयोजकों को रामलीला मैदान के कमरों को चाबी नहीं मिली।
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इन कमरों से पिछले काफी दिनों से महिलाओं के लिए निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण केंद्र चलाया जा रहा था। इन महिलाओं ने कमरा खाली करने से इन्कार कर दिया था। इसके बाद दो पक्ष आमने-सामने हो गए और रोष बढ़ गया। इस समस्या को सुलझाने के लिए रामलीला के आयोजक कई बार एसडीएम से मिले। इसके बावजूद समाधान न होने के कारण कलाकारों समेत शहर के अनेक लोगों में रोष था। लोग सोशल मीडिया पर कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप प्रसारित करने लगे।
आखिरकार एसडीएम मनोज दलाल ने वीरवार को मौके पर पहुंचकर रामलीला मैदान के कमरों से सिलाई प्रशिक्षण केंद्र खाली करा दिया और इन कमरों की चाबी दौलतराम को सौंप दी। सिलाई प्रशिक्षण केंद्र को पुराना शहर की एक धर्मशाला में स्थानांतरित कर दिया गया है। इस पर दोनों पक्षों लोगों ने राहत की सांस ली।
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