लोहारू। प्राॅपर्टी आईडी में कथित रूप से बड़े पैमाने पर हुई त्रुटियों और धांधली का अब निवारण होता दिखाई देने लगा है। उपायुक्त नरेश नरवाल के निर्देश पर एसडीएम दीपक बाबूलाल करवा ने लोहारू नगर पालिका क्षेत्र में प्राॅपर्टी आईडी से संबंधित समस्याओं के दुरुस्तीकरण और इस कार्य के क्रियान्वयन के लिए शहर में आठ टीमों का गठन किया है। इन टीमों के सदस्यों नगर पालिका क्षेत्र में घर-घर जाकर शिकायतों का सर्वे करेंगे।
शहर के लोगों का कहना है कि निजी कंपनी द्वारा किए गए प्राॅपर्टी आईडी सर्वे में बड़े पैमाने पर धांधली की गई थी। इसका खामियाजा अब शहर के लोग भुगत रहे हैं। बता दें कि प्रापर्टी आईडी के सर्वे के दौरान हुई कथित धांधली और त्रुटियों के निवारण के लिए पिछले दिनों शहर के अनेक लोगों ने कृषि मंत्री जेपी दलाल से मुलाकात कर समस्या का समाधान किए जाने की मांग की है। जिस पर कृषि मंत्री ने लोहारू प्रशासन को प्राॅपर्टी आईडी संबंधी समस्याओं का समाधान करने के लिए अधिकारियों को आदेश दिए थे। इसके बाद एसडीएम दीपक बाबूलाल करवा ने उपायुक्त नरेश नरवाल के निर्देश पर नगर पालिका क्षेत्र में पूर्व में हुए प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे के दुरुस्तीकरण के लिए शहर में आठ टीमों का गठन किया है। ये टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। टीमों ने अब तक करीब 50 प्रतिशत सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया है।
उन्होंने बताया कि स्थानीय व्यक्तियों की ओर से 395 एतराज लगाए गए हैं जिनमें से कार्यालय की ओर से 90 प्रतिशत एतराजों का निपटान पालिका स्तर पर कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सर्वे के लिए आठ टीमें गठित की गई हैं जिसमे स्कूल लैक्चरर, टीचर, नगर पालिका लोहारू कर्मचारी व एक -एक सक्षम कर्मचारी को शामिल किया गया है। प्रत्येक टीम द्वारा प्रतिदिन 40 से 50 यूनिट का सर्वे किया जा रहा है जिसे शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जाएगा। आमजन को प्रॉपर्टी टैक्स, विकास शुल्क, क्षेत्र आदि से संबंधित किसी प्रकार की जानकारी के लिए वे संबंधित टीमों से मिलकर इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
निजी कंपनी के प्राॅपर्टी सर्वे की भी हो फिर से जांच
शहर के लोगों ने प्रशासन की ओर से प्राॅपर्टी सर्वे संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए आठ टीमों द्वारा करवाए जा रहे सर्वे को नाकाफी बताया है। अनेक लोगों का कहना है कि पूर्व जिस निजी कंपनी ने लोहारू में प्रापर्टी सर्वे किया था, उस कंपनी के लोगों ने बड़े पैमाने पर धांधली की थी और मनमर्जी से लोगों की आईडी बना डाली। लोगों का कहना है जिनकी आईडी बनी हुई उनके भी दस्तावेजों की फिर से जांच की जानी चाहिए।