हरियाणा में प्रदूषण। सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र व आसपास के जिलों में लगातार बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के चलते भिवानी में जिलाधीश ने जिले में धारा 144 लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा बच्चों की सेहत के मद्देनजर जिलाधीश ने जिले में सभी प्री स्कूल, प्री प्राइमरी और प्राइमरी कक्षाएं (यानी नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक) आठ से 11 नवंबर तक बंद करने के आदेश दिए हैं। ये आदेश निजी और सरकारी दोनों स्कूलों पर लागू हैं।
जिलाधीश के आदेशानुसार जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ-साथ किड्स प्ले स्कूल भी इस अवधि के दौरान बंद रहेंगे। स्कूल द्वारा प्राइमरी कक्षा तक के बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण कार्य करवाया जाएगा। धारा 144 के आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पर्यावरण प्रदूषण रोकने के लिए उचित कदम उठाएं : डीसी
डीसी ने नगर परिषद, नगर पालिका, एसएसआईआईडीसी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जिले में कंस्ट्रक्शन साइट व औद्योगिक इकाइयों की नियमित रूप से चेकिंग करें। ग्रैप नियमों की अनदेखी, अनियमितताएं व कोताही पाए जाने पर उनके खिलाफ एक्शन लेते हुए सख्त कार्रवाई करें और उनके चालान भी काटे।
उन्होंने संबंधित एसडीएम को कंस्ट्रक्शन साइट, औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन साइट पर एंटी वाटर गन व स्प्रिंकलर लगवाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को सड़कों पर धूल-मिट्टी को उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव कराने के निर्देश जारी कर दिए गए है। उन्होंने कहा औद्योगिक इकाइयां निर्माण कराते समय वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम का प्रयोग करें।
एक्यूआई स्तर के अनुरूप लगती है इमरजेंसी और पाबंदियां
- पहला चरण: खराब (एक्यूआई 201 से 300 तक)
- दूसरा चरण: बेहद खराब (एक्यूआई 301 से 400 तक)
- तीसरा चरण: गंभीर (एक्यूआई 401 से 450 तक)
- चौथा चरण: इमरजेंसी (एक्यूआई 450 से अधिक)