भिवानी। जिले में पराली प्रबंधन को लेकर सख्त कार्रवाई जारी है। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में अब तक 74 पराली जलाने के मामले इंटरनेट और सेटेलाइट मॉनिटरिंग के माध्यम से दर्ज किए हैं। इनमें से 29 स्थानों पर मौके पर आग नहीं पाई गई जबकि 19 स्थानों पर आग लगी मिली। 18 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई और एक मामले में 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
शैलेंद्र कुमार ने कहा कि यदि कोई किसान पराली जलाता है तो उसकी सरकारी रिकॉर्ड में रैड एंट्री की जाएगी जिससे वह सब्सिडी और अन्य सरकारी लाभ से वंचित रह सकता है। किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए पराली संबंधित फसलों के लिए 1200 रुपये प्रति एकड़ सहायता राशि भी प्रदान की जा रही है।
उन्होंने बताया कि एग्रीकल्चर वेलफेयर एसोसिएशन के साथ मिलकर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने जागरूकता कैंप लगाए हैं। अनाज मंडी, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बैनर भी लगाए गए हैं। जिला स्तर, सब डिविजन स्तर, ब्लॉक और गांव स्तर पर पटवारी, कानूनगो और सरपंच के साथ टीमें बनाई गई हैं जो पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखती हैं।
शैलेंद्र कुमार ने किसानों से अपील की कि वे भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए पराली को न जलाएं बल्कि उसका खाद के रूप में उपयोग करें। उन्होंने चेतावनी दी कि पराली जलाने से वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है और खेत के प्राकृतिक मित्र, जैसे कीट और केंचुए भी मर जाते हैं जिससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम हो जाती है।