भिवानी। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ में भिवानी जिले के कस्बा मुंढाल की बेटी संगीता मलिक (34) की मौत हो गई। संगीता दो भाइयों की इकलौती बहन थी। संगीता के पिता दया गांव में ही मजदूरी करते हैं। उनकी माता केला देवी गृहिणी हैं। उनका बड़ा भाई धर्मबीर रंग, पेंट का काम करता है जबकि छोटा भाई नसीब गांव में ही इंजन रिपेयरिंग का मैकेनिक है।
उनके मौसेरे भाई राकेश ने बताया कि उन्हें फोन से हादसे की सूचना मिली। इसके बाद से ही पूरा परिवार घर पर ताला लगाकर वहां चला गया। संगीता की माता केला और उसकी मौसी मुंढाल में ही शादीशुदा हैं जबकि संगीता की मां केला का मायका भिवानी जिले के गांव कालुवास में है।
मुंढाल निवासी संगीता ने सोनीपत में रहने वाले मोहित मलिक से वर्ष 2015 में अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था। संगीता एससी समाज से संबंध रखती थीं जबकि मोहित मलिक जाट हैं। संगीता एक निजी अस्पताल में नर्स थी। शादी के बाद संगीता अपने पति के साथ मोहित के साथ रहने लगी। संगीता और मोहित दिल्ली में पढ़ाई के दौरान मिले थे और दोनों ने प्रेम विवाह किया था। उसने अपनी दो सहेलियों पूनम और सोमा के साथ प्रयागराज के महाकुंभ में स्नान की योजना बनाई थी लेकिन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मचने से संगीता और पूनम की मौके पर ही मौत हो गई। संगीता की मौत की सूचना मिलते ही मुंढाल में उसके मायके से परिजन सोनीपत के लिए रवाना हो गए और घर पर भी सन्नाटा पसर गया।
वर्ष 2013 में बनी थी संगीता की मोहित से करीबी
संगीता और मोहित की प्रेम कहानी दिल्ली में पढ़ाई के दौरान शुरू हुई थी। दोनों ने वर्ष 2013 में न्यू अशोक विहार स्थित डीपीएमआई कॉलेज से एमपीएचडब्ल्यू की पढ़ाई की थी। अलग जाति से होने के बावजूद उन्होंने वर्ष 2015 में अंतरजातीय प्रेम विवाह कर लिया और आंवली गांव में रहने लगे। संगीता ने शादी के दो साल बाद दिल्ली के रोहिणी स्थित हितैषी अस्पताल में नर्स के रूप में काम किया। बाद में उन्होंने सोनीपत में नौकरी की, लेकिन एक महीने पहले ही नौकरी छोड़कर वह घर पर रहने लगी थीं।
रात 12:30 बजे पति से भी हुई थी वीडियो कॉल
महाकुंभ यात्रा से पहले, 14 फरवरी की रात 12:30 बजे संगीता ने पति मोहित से वीडियो कॉल की थी। दोनों ने एक-दूसरे को देखा, लेकिन कुछ कह नहीं पाए। मोहित को उम्मीद थी कि अगली कॉल आएगी, लेकिन 15 फरवरी की रात हुए हादसे ने सबकुछ बदल दिया। संगीता, पूनम और सोमा की दोस्ती दिल्ली के एक अस्पताल में नौकरी के दौरान हुई थी। तीनों ने मिलकर महाकुंभ स्नान की योजना बनाई थी, लेकिन यह यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई।