मौसम बदलने के साथ-साथ ही बीमारियों का संक्रमण तेजी से फैलने लगा है। पिछले एक सप्ताह के दौरान टाइफाइड संभावित 171 मरीजों के खून के नमूने जांचे गए। इनमें से करीब 70 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटव आई हैं। वहीं हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद आंखों में जलन और संक्रमित मरीज भी बढ़े हैं। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में आंखों के संक्रमण से पीड़ित करीब 250 मरीज रोजाना आ रहे हैं। डेंगू के डंक का कहर भी अभी कम नहीं हुआ है।
अचानक ही मौसम में बदलाव से तापमान में भी अस्थिरता बनी है। इसकी वजह से सेहत पर इसका बुरा असर देखा जा रहा है। एक सप्ताह के दौरान बुखार से पीड़ित मरीज तेजी से बढ़े हैं। इनमें टाइफाइड संभावित 171 मरीजों के खून के नमूनों की जांच स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई है। इनमें 70 मामले पॉजिटिव आए हैं वहीं प्राइवेट अस्पतालों में टाइफाइड से पीड़ित मरीजों की भरमार है।
आंखों में जलन और धूल के कणों से संक्रमण से पीड़ित मरीज भी ओपीडी पहुंच रहे हैं। ये मरीज आंखों में अचानक धुंधलापन और जलन महसूस कर रहे हैं। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में नेत्र विशेषज्ञों के समक्ष रोजाना ही ढाई सौ से 300 सौ मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर बुजुर्ग हैं।
आंखों को जलन से बचाव के तरीके
- आंखों को जलन से बचाने के लिए दिन में 3 से 4 बार मुंह को ठंडे पानी से धोएं।
- बाइक चलाते समय मुंह को अच्छे से कवर करके हेलमेट का प्रयोग करें।
- ज्यादा से ज्यादा चश्में का प्रयोग करें।
- अगर संभव हो तो घर में ही रहें ज्यादा जरूरी काम हो तभी घर से बाहर निकलें।
- कुछ दिन सुबह के समय सैर करने से बचें।
वातावरण में प्रदूषण होने के आंखों में जलन बनी हुई हैं। जितना संभव हो सके तो आंखों को कवर करके जलन से बचाए रखें और दिन में 3 से 4 बार आंखों को ठंडे पानी से धोएं। ज्यादा जलन होने पर विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
-डाॅ. हरजीत सिंह, मुख्य नेत्र रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल भिवानी।