बीरण पशु औषधालय में प्रतियोगिता के दौरान मौजूद पशु पालक और चिकित्सक।
भिवानी। पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से बीरण स्थित पशु औषधालय में 15 से 17 सितंबर तक तीन दिवसीय दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में साहीवाल नस्ल की गायों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सभी को प्रभावित किया। लीला की गाय ने सबसे अधिक 18 किलो 670 ग्राम दूध देकर प्रथम स्थान हासिल किया जबकि कृष्ण की गाय ने 17 किलो 200 ग्राम दूध देकर दूसरा स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य देशी नस्ल की गायों के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देना है। बाढ़ जैसी कठिन परिस्थितियों में भी पशुपालकों ने अपनी मेहनत और समर्पण से गायों की देखभाल की, जो प्रेरणादायक रहा। वीएलडीए अमन गोयत, वीएलडीए मनु शर्मा और डॉ. नरेश कनोजिया ने बताया कि 15 किलो से अधिक दूध देने वाली गायों के पालकों को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लीला और कृष्ण को उनकी उपलब्धि पर प्रति इकाई 25-25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। इस मौके पर सरपंच प्रतिनिधि जोगेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल किसानों की आय में बढ़ोतरी करेंगे बल्कि देशी नस्ल की गायों के सुधार और संवर्धन में भी अहम योगदान देंगे।