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रोहनात प्रकरण : आठवें दिन भी नहीं हुआ मृतक संतलाल का अंतिम संस्कार

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बवानीखेड़ा। गांव रोहनात में ग्रामीण संतलाल की मौत को आठ दिन हो गए हैं और ग्रामीण लिखित आश्वासन को लेकर शव को धरने पर ही लेकर बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री का कोई प्रतिनिधि उनके बीच आए और लिखित आश्वासन दे। वहीं मंगलवार को हुई पंचायत के बाद ग्रामीण अब 26 अगस्त को शव के साथ हांसी कूच करने की भी तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने हांसी की लाल सड़क पर धरना देने का निर्णय लिया है।
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मंगलवार को मामले को लेकर गांव में महापंचायत हई थी। जिसमें अनेक सामाजिक संगठनों व किसान संगठनों ने भाग लिया था। पांच घंटे चली महापंचायत ने प्रशासन को सांय साढ़े 4 बजे तक एक घंटे का समय दिया था। इसके बाद हांसी की लाल सड़क पर शव के साथ धरना देने का निर्णय लिया था। डीसी आरएस ढिल्लो के साथ बैठक में सहमति नहीं बनने पर ग्रामीणों व कमेटी ने 26 अगस्त को हांसी की लाल सड़क पर संतलाल के शव के साथ धरना देने की योजना बनाई। बुधवार को भी धरना स्थल पर अनेक संगठन के लोगों ने पहुंच कर दिवंगत संतलाल को श्रद्धांजलि देकर धरने को समर्थन दिया, वहीं बुधवार को भी प्रशासन गांव में स्थिति पर नजर रखे हुए था। वहीं धरनास्थल पर मृतक संतलाल का शव डीप फ्रिज में रखा हुआ था और ग्रामीणों का विरोध जारी था।
यह है मामला
गौरतलब है कि गांव रोहनात में दस अगस्त से ग्रामीण 1857 की क्रांति में शहादत देने वाले गांव रोहनात को स्वतंत्रता सेनानी गांव घोषित करने, विभिन्न पट्टियों में बंटे गांव की जमीन को तोड़कर जमीन गांव के नाम किए जाने व सरकार द्वारा प्रस्तावित 57 लोगों को प्लाट दिलवाए जाने की मांग को लेकर धरनारत हैं। बुधवार 17 अगस्त को धरने पर बैठे ग्रामीण संतलाल (55) की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। संतलाल की मौत के बाद ग्रामीण बिफर गए और मांगे न माने जाने तक शव धरनास्थल पर रखकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
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ग्रामीणों की मांग है कि मृतक संतलाल को शहीद का दर्जा दिया जाए। मृतक के एक परिजन को सरकारी नौकरी दी जाए व परिवार को एक करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाए। ग्रामीणों ने मांगे न मानेजाने तक शव का अंतिम संस्कार न करने का निर्णय ले लिया है। इस बारे में धरना कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप कौशिक ने बताया कि मंगलवार देर सांय तक कमेटी की जिला उपायुक्त के साथ लंबी वार्ता हुई थी परंतु मांगों को लेकर सहमति नहीं बन पाई अब कमेटी व ग्रामीणों ने 26 अगस्त को हांसी की ऐतिहासिक लाल सड़क पर संतलाल के शव के साथ धरना देने का निर्णय ले लिया है। 26 अगस्त शुक्रवार को दोपहर एक बजे ग्रामीण गांव के धरना स्थल से मृतक संत लाल के शव यात्रा के साथ लाल सड़क पर धरना देंगे।
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