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कोरोना ने थामा डिपो की पचास बसों का पहिया

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कोरोना वायरस के चलते सूना पड़ा बस स्टैंड परिसर। संवाद - फोटो : Bhiwani
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कोरोना वायरस अब हरियाणा राज्य परिवहन विभाग पर भी कहर बनकर टूट पड़ा है। राज्य परिवहन विभाग ने रोडवेज बसें दिल्ली भेजने से तोबा कर दिया है। इसी के चलते भिवानी डिपो से करीब 50 रोडवेज बसों का पहिया दिल्ली रूट पर थम गया है। इतना ही नहीं रोडवेज विभाग ने 30 फीसदी बसों के कम संचालन का भी फैसला लिया है। दस मार्च से 18 मार्च तक रोडवेज विभाग के भिवानी डिपो को कोरोना ने आठ लाख की चपत भी लगा दी है। क्योंकि रोडवेज बसों में सफर करने से लोगों ने गुरेज किया है। यही वजह है कि आठ दिन के अंतराल में रोडवेज बसें एक लाख 41 हजार 649 किलोमीटर कम चली हैं। बस स्टैंड पर भी सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं रोडवेज विभाग में काम करने वाले कर्मचारी भी भयभीत हैं, उन्हें रोडवेज प्रशासन की तरफ से मास्क लगाने की सख्त हिदायतें दी हैं, मास्क व सिनेटाइज भी उपलब्ध कराए गए हैं।
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हरियाणा राज्य परिवहन विभाग के भिवानी डिपो में 167 रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। ये रोडवेज बसें रोजाना सामान्य दिनों में 36 हजार किलोमीटर तक दौड़ लगाते हुए यात्रियों को सफर कराती है। भिवानी डिपो में करीबन 70 हजार यात्री रोजना सफर करते हैं। लेकिन पिछले आठ दिनों से रोडवेज की लॉरी पर कोई भी सवारी सफर से गुरेज कर रही हैं, इसी वजह से रोडवेज की हालत भी करोना ने पतली कर डाली।
भिवानी डिपो की एक मार्च से नौ मार्च तक इनकम 1,12,71,798 रुपये आंकी गई। जबकि दस मार्च से 18 मार्च तक रोडवेज विभाग की इनकम 104,55545 रुपये तक आ टिकी। इन आठ दिनों में रोडवेज विभाग को सीधे सीधे आठ लाख की चपत लग गई। अगर बात यात्री रिसीट की करें तो एक से नौ मार्च तक 12,51000की यात्री रिसीट प्राप्त हुई। जबकि दस से 18 मार्च तक यात्री रिसीट 1161000 आ गई। इसी तरह एक से नौ मार्च तक रोडवेज बसें 4,61,497 किलोमीटर तक चली। जबकि दस मार्च से 18 मार्च तक भिवानी डिपो की बसों ने 3,19,848 किलोमीटर तक का ही सफर तय किया। इस अंतराल में बसों के संचालन में 1,41649 किलोमीटर की कमी दर्ज की गई। रोडवेज भिवानी डिपो में इस समय 167 रोडवेज बसों में 279 रोडवेज चालक और 292 रोडवेज परिचालक कार्यरत हैं। जबकि तोशाम सब डिपो में 45 रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है।
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स्कूल कॉलेज बंद, बाजारों में भी पसरा सन्नाटा
रोडवेज बसों में अधिकांश स्कूली व कॉलेज छात्राओं के साथ साथ ग्रामीण इलाकों से लोग रोजाना सफर करते हैं। सबसे अधिक लोकल रूटों की बसों में यात्रियों की अधिक भीड़ होती है। मगर स्कूल कॉलेज 31 तक बंद कर दिए गए हैं। वहीं कोरोना की वजह से बाजारों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
पुस्तकालयों पर नहीं लगा प्रतिबंध
शहर में अवैध रूप से दर्जनों पुस्तकालय हैं। जिनमें सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। अधिकांश पुस्तकालय बहुमंजिला इमारतों के टॉप सेक्शन पर हैं, जिनमें प्रवेश और निकासी का भी सिर्फ एक ही द्वार है। इसी के साथ यहां काफी बच्चे एक साथ बैठते हैं। हालांकि जिला प्रशासन व किसी भी विभाग ने लाइब्रेरी का संचालन करने के लिए कोई लाइसेंस नहीं जारी किया हुआ है। मगर फिर भी शहर के हांसी गेट, महम गेट, अग्रसैन चौक सहित शहर के प्रमुख बिंदुओं पर अवैध पुस्तकालयों का कारोबार धड़ल्ले से फलफूल रहा है। रोडवेज में फ्री सफर करने वाले कॉलेज व स्कूली विद्यार्थी इन लाइब्रेरियों में अध्ययन के लिए अभी भी आ रहे हैं।
वर्जन:::रोडवेज विभाग ने भिवानी डिपो से दिल्ली के लिए जाने वाली 50 बसें बंद कर दी हैं। इसके अलावा 30 फीसदी बसों का संचालन कम किए जाने के निर्देश मुख्यालय से मिले हैं। कोरोना वायरस की वजह से रोडवेज विभाग को भी काफी नुकसान झेलना पड़ा है। यात्रियों की संख्या भी काफी घट गई है।
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-गुलाब सिंह दूहन, डिपो महाप्रबंधक भिवानी डिपो।
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