बहल के राजगढ़ रोड स्थित राधास्वामी आश्रम में आयोजित सत्संग में प्रवचन देते संत कंवर महाराज।
बहल। राधास्वामी दिनोद के सतगुरु कंवर साहेब महाराज ने कहा कि जाति-पाति के बंधनों से ऊपर उठकर भक्ति करनी चाहिए। उन्होंने बहल के राजगढ़ रोड स्थित राधास्वामी आश्रम में सत्संग के दौरान सामाजिक जीवन के साथ आध्यात्मिकता को भी जरूरी बताया।
उन्होंने कहा कि इंसान सामाजिक प्राणी है और उसकी सबसे बड़ी जरूरत समाज है। एक-दूसरे की मदद से ही सामाजिक जीवन मजबूत होता है लेकिन भक्ति के बिना सब कुछ बेमानी है। उन्होंने संगत से सामाजिक होने के साथ आध्यात्मिक जीवन जीने का आह्वान किया। कंवर साहेब महाराज ने कहा कि नाम के बिना जीव का कल्याण संभव नहीं है। नाम वह सीढ़ी है जो जीव को परमात्मा तक पहुंचाती है।
कंवर साहेब ने कहा कि मनुष्य अपने कर्मों से बच नहीं सकता इसलिए अच्छे कर्म करने और प्रभु का स्मरण करने की जरूरत है। संगत को एकांत में परमात्मा को याद करने तथा जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगने की सीख दी। उन्होंने कहा कि एकांत में की गई सच्ची फरियाद अवश्य सुनी जाती है। परमात्मा का नाम मनुष्य को भीतर से पवित्र कर हृदय में प्रेम जगाता है।
उन्होंने कहा कि परमात्मा को किसी भी तरीके से याद करने पर वह हजारों गुना मनुष्य का ख्याल रखता है। भक्ति के तीन आधार तप, त्याग और साधना हैं। ये तीनों कठिन हैं और इनके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति तथा जीवट जरूरी है। भक्ति सेवा करने से होती है। उन्होंने कहा कि जीवन में दो ही मार्ग हैं, या तो प्रभु को अपना बना लो या स्वयं प्रभु के बन जाओ। उन्होंने कहा कि मनुष्य की वास्तविक पहचान इसी से होती है कि उसने परमात्मा का भजन किया है। इसलिए जाति-पाति के बंधनों से ऊपर उठकर भक्ति करनी चाहिए।
प्रकृति को सहेजना होगा
कंवर साहेब महाराज ने कहा कि मनुष्य लगातार प्रकृति का दोहन और शोषण कर रहा है। पेड़ और पहाड़ काटे जा रहे हैं जिससे प्रकृति का स्वरूप बदल रहा है। तालाब और ताल सूख रहे हैं, अनाज जहरीला होता जा रहा है तथा वातावरण अशुद्ध हो रहा है। जीवन सुरक्षित रखना है तो प्रकृति को सहेजना होगा।