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जिम्मेदारी को नहीं तैयार, सेक्टरों में समस्याओं की भरमार

Fri, 05 Aug 2016 12:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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सेक्टर 13 और 23 में सफाई का ठेका खत्म हुए चार दिन हो गए और मजबूरी में लोगों ने खाली प्लाटों को डस्टबिन बना दिया है। सीवर जाम पड़े हैं और सड़क पर गंदा पानी जमा हो रहा है। 30 से 40 फीसदी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। दो दिन पहले मोटर में फॉल्ट आने के बाद जलापूर्ति भी ठप हो चुकी है।
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हरियाणा अर्बन डेवलप अथॉरिटी (हुडा) से नगर परिषद को सौंपने के महीने भर के भीतर ही सेक्टरों की हालत खराब होने लगी है। दोनों सेक्टरों में समस्या की भरमार है, लेकिन नगर परिषद जिम्मेदारी ठीक से संभाल नहीं पा रही है तो हुडा अधिकारी अधिकार-क्षेत्र से बाहर का मसला बताकर मूकदर्शक बने हैं। हुडा अधिकारियों का तर्क है कि जिम्मेवारी नगर परिषद को सौंप दी है और अब वे ही सभी समस्याओं का समाधान करेंगे। जबकि, नगर परिषद प्रशासन की दलील है कि छह माह तक मॉनिटरिंग की जिम्मेवारी हुडा अधिकारियों की है और वे भी समस्याओं के समाधान के लिए उन्हीं से संपर्क करेंगे।

सेक्टर 13, 23, मंडी टाउनशिप और इंडस्ट्रीज एरिया के लोग दो विभागों हुडा और नगर परिषद के बीच फंस गए है। सेक्टरों, मंड़ी टाउनशिप और इंडस्ट्रीज एरिया में समस्याओं की भरमार लगी है, लोग परेशान है मगर ये नहीं पता कि समस्याओं का समाधान कौन करेगा। विभाग कर्मचारी एक-दूसरे विभाग में चक्कर लगवा रहे है। दरअसल कुछ माह पूर्व सरकार ने हुडा के सभी सेक्टर व मंड़ी टाउनशिप, इंडस्ट्रीज एरिया नगर परिषद के सुपुर्द कर दिया। नगर परिषद की न तो आर्थिक हालत ज्यादा अच्छी है और न ही उन्हें हुडा से किसी भी तरह का कोई बजट मिला।
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चूंकि नप को जिम्मेदारी दी गई है तो हुडा कर्मचारी उनके पास शिकायत लेकर आने वालों को नगर परिषद अधिकारियों के पास भेज रहे है। नप अधिकारियों की दलील है कि अभी हुडा का सिस्टम उन्हें समझने में थोड़ा समय लगेगा और बजट भी नहीं है। ऐसे में हुडा के अधिकारी ही समस्याओं का समाधान करवाएंगे। सेक्टर वासी दोनों विभागों के चक्कर लगाकर परेशान है। इस मसले पर उपायुक्त ने दोनों विभागों के अधिकारियों की बैठक ली और निर्देश दिए कि संवादहीनता को दूर करते हुए मिलकर समस्याओं का निपटारा करें। हुडा को छह माह तक मॉनिटरिंग करनी है तो खर्च नप उठाएगा।
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