भिवानी में धरने पर नारेबाजी करते पटवारी व कानूनगो।
भिवानी। दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर सांकेतिक धरना सोमवार को भी जारी रहा। पटवारियों की हड़ताल के कारण तहसील कार्यालयों में रिहायशी प्रमाणपत्र और राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित रहा। पटवारघरों में फर्द, जमाबंदी और पैमाइश के लिए पहुंचे लोगों को भी परेशानी हुई।
एसोसिएशन के राज्य उप प्रधान विकास राठी ने कहा कि राजस्व विभाग के लिखित पत्र के बावजूद नए पोर्टल में तकनीकी खामियां दूर नहीं हुई हैं। नए पोर्टल के अनुरूप लैंड रिकॉर्ड मैन्युअल में बदलाव कर उसे कानूनी मान्यता के लिए संशोधित किया जाए। डिजिटल क्रॉप सर्वे निजी एजेंसी से कराया जाए।
उन्होंने कहा कि रोवर से पैमाइश के लिए सभी कानूनगो को तकनीकी ऑपरेटर और प्रशिक्षण दिया जाए। कानूनगो की वेतन वृद्धि की तीन साल से लंबित फाइल मंजूर की जाए। नए पटवारियों की कैबिनेट से मंजूर फाइल का नोटिफिकेशन जारी हो व एक जनवरी 2025 से लंबित वेतन एरियर दिया जाए।
पटवारियों को कंप्यूटर सिस्टम और फील्ड कार्य के लिए उच्च गुणवत्ता के टैब उपलब्ध करवाए जाएं। राठी ने चेतावनी दी कि 25 अगस्त तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो 26 अगस्त से सांकेतिक धरना अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा। धरने को ओमप्रकाश, सुदर्शन सरोहा, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुमेर आर्य और सुरेंद्र दिनोद ने संबोधित कर समर्थन दिया। मंच संचालन रविन्द्र पटवारी ने किया।
सर्व कर्मचारी संघ भिवानी के जिला सह सचिव शैलेंद्र परमार ने कहा कि जिले में 10 पटवारी और सात कानूनगो 2021 से चार्जशीट हैं। पांच वर्ष बाद भी उनका निपटारा नहीं हुआ। एक नायब सदर कानूनगो, चार ऑफिस कानूनगो, आठ कानूनगो और 17 तहसील पटवारी के पद रिक्त हैं। उन्होंने लंबित भत्तों, एलटीसी और मेडिकल बिलों का भुगतान जल्द करने की मांग की।