20 फोटो गोदाम में स्टॉक की जांच करते हुए डीएफएससी अनिल कालरा
- फोटो : Bhiwani
प्याज के अवैध भंडारण और कालाबाजारी की आशंका को लेकर केंद्रीय भंडारण नीति के तहत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने प्रदेशभर के सभी जिला मुख्यालयों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। अब थोक विक्रेता पांच सौ की बजाए 250 क्विंटल तक प्याज का भंडारण कर सकेंगे, जबकि रिटेलर 100 क्विंटल की बजाए 50 क्विंटल तक प्याज का भंडारण ही कर सकेंगे। प्याज के लगातार बढ़ रहे दामों के चलते अब प्याज के भंडारण की क्षमता भी लगभग आधी घटा दी गई है।
बुधवार को भी जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने छापेमारी कर प्याज का स्टॉक जांचा। बुधवार सुबह जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अनिल कालरा ने रोहतक रोड स्थित सब्जी मंडी में प्याज का स्टॉक जांचा। डीएफएससी की टीम ने सब्जी मंडी में दस थोक विक्रेताओं और दस रिटेलरों के यहां प्याज का स्टॉक जांचा। जांच के दौरान किसी के पास छह क्विंटल तो किसी को सात क्विंटल प्याज का भंडारण मिला। इसके बाद सिवानी मंडी में भी 13 रिटेलरों के पास प्याज के स्टॉक की जांच की गई। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की दूसरे दिन भी प्याज की कालाबाजारी की आशंका को लेकर की गई छापामारी के बाद दुकानदारों में हड़कंप मच गया वहीं प्याज के दामों में भी थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। जो प्याज चार से पांच दिन पहले 100 रुपये किलोग्राम बिक रही थी। बुधवार को उसके दाम 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए। भिवानी मंडी में प्याज 50 से 60 रुपये किलोग्राम के हिसाब से बिकी।
दरअसल प्रदेशभर में प्याज के अवैध भंडारण और कालाबाजारी की आशंका के चलते खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा छापेमारी की जा रही है। टीम ने इस दौरान सब्जी मंडी में हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड के रिकार्ड के अनुसार गोदामों में रखे प्याज के भंडारण के स्टॉक का मिलान किया। हालांकि दूसरे दिन भी छापामारी के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं मिली। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अनिल कालरा के साथ छापामार टीम में सब इंस्पेक्टर सुखबीर व ऑडिटर संदीप कुमार शामिल थे।
प्याज के भंडारण संबंधी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से नए निर्देश जारी किए गए हैं। जिसके संबंध में सभी मंडी व्यापारियों को अवगत करा दिया है। इसके अलावा छापेमारी कर प्याज के स्टॉक की भी जांच की गई है। निर्धारित मापदंड से अधिक प्याज का भंडारण मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- अनिल कालरा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक भिवानी।