भिवानी। कहते हैं कि हल चलाने वाले के हाथ में जब कलम आती है तो कायनात भी सलाम करती है। ऐसा ही कमाल हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा के परिणाम में देखने को मिला है। ओवरऑल टॉपर में प्रथम तीन स्थानों पर ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों ने कब्जा किया है। ताज्जुब की बात यह है कि इस सूची में एक भी शहरी विद्यार्थी नहीं है। सभी 16 विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों से हैं। इनमें से 14 विद्यार्थी ठेठ देहाती अंचल से संबंध रखते हैं, जबकि दो विद्यार्थी कस्बों से हैं।
आमतौर पर ग्रामीण बच्चों को खेतीबाड़ी करने वाला समझा जाता है, लेकिन इन्होंने कलम थामी तो ऐसा कमाल कर दिया कि हर कोई देखता रह गया। शहरी छात्रों की तुलना में ग्रामीण विद्यार्थियों का परिणाम 2.31 फीसदी अधिक रहा है। सीमित संसाधनों के दम पर पढ़ाई करने वाले ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी कोचिंग लेने वाले शहरी विद्यार्थियों पर न सिर्फ भारी पड़े, बल्कि विषयवार परिणाम में भी बेहतर प्रदर्शन किया। केवल 10वीं ही नहीं, 12वीं के नतीजों में भी ग्रामीण अंचल के बच्चे शहरी विद्यार्थियों से आगे रहे थे। गांव के बेटे-बेटियों ने साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत की जाए तो किसी भी प्रकार की सुख-सुविधाएं बाधा नहीं बन सकतीं। लड़कों और लड़कियों की पास प्रतिशतता देखें तो 91.64 प्रतिशत लड़कियां पास हुई हैं, जबकि 87.69 प्रतिशत लड़के पास हुए। दोनों के बीच लगभग चार प्रतिशत का अंतर रहा। इस बार ग्रामीण अंचल से 1,98,455 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे, जिनमें से 1,79,101 विद्यार्थी पास हुए। वहीं, शहरों से 78,185 विद्यार्थी परीक्षा में प्रविष्ट हुए, जिनमें से 68,759 विद्यार्थी पास हुए। इस लिहाज से ग्रामीण क्षेत्र का परीक्षा परिणाम 90.25 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र का 87.94 प्रतिशत रहा। संवाद
परिणाम में प्रदेशभर के टॉप 10 जिले
स्थान जिला परिणाम (प्रतिशत में)
01 चरखी दादरी 96.01
02 जींद 94.68
03 महेंद्रगढ़ 93.96
04 पानीपत 93.61
04 रेवाड़ी 93.61
05 झज्जर 92.29
06 सोनीपत 91.67
07 पंचकूला 91.66
08 करनाल 91.65
09 यमुनानगर 91.58
10 कैथल 91.57