भिवानी। मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रजनन और बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) और मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) लागू किया है। इसमें हर गर्भवती का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। अगर गर्भवती ने एएनएम या आशा कार्यकर्ताओं के पास पंजीकरण नहीं करवाया तो अल्ट्रासाउंड करवाने में बाधा आ सकती है। इसलिए अल्ट्रासाउंड केंद्र पर जाने से पहले हर गर्भवती पंजीकरण जरूर करवा ले।
फिलहाल जिले का लिंगानुपात 919 है। जिले में कुल 55 अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं। इनमें से 38 केंद्र में गर्भवती की जांच की जाती है। इन सभी केंद्रों पर आरसीएच पंजीकरण के बाद ही अल्ट्रासाउंड किया जाएगा। पीसीपीएनडीटी की नोडल अधिकारी डॉ. रीटा गोयल ने बताया कि आरसीएच नंबर के बिना किसी भी गर्भवती का अल्ट्रासाउंड नहीं होगा।
जिले में एक अप्रैल से आरसीएच नंबर के बिना किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर किसी भी गर्भवती की अल्ट्रासाउंड जांच करने पर केंद्र को नोटिस जारी किया जा सकता है। इसके लिए आईएमए और निजी केंद्रों को भी निर्देश दिए गए हैं।
विभाग की ओर से जिले के सभी केंद्रों पर जाकर आरसीएच पंजीकरण के बारे में बताया जा रहा है। इसके साथ ही एमसीटीएस का पंजीकरण भी किया जा रहा है। इससे माता, शिशु के मृत्यु दर का पता आसानी से लगाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि जो गर्भवती सरकारी अस्पताल, आंगनबाड़ी में कार्यरत आशा कार्यकर्ता के माध्यम से अल्ट्रासाउंड करवाती हैं। उनका पंजीकरण हो जाता है लेकिन जो निजी अस्पताल में सलाह लेकर जांच करवाती हैं। उनका पंजीकरण नहीं हो पाता। इसलिए ये निर्देश जारी किए गए हैं। इससे माता, शिशु का पूरा डाटा जुटाने में आसानी होगी।
पंजीकरण के बाद विभाग के पास पूरी जानकारी होगी कि वर्षभर में जिले में कितनी गर्भवती रहीं और जन्म लेने वाले शिशु की पूरी जानकारी होगी। पंजीकरण के बाद गर्भपात पर भी नियंत्रण होगा। जिले में पंजीकरण कार्य शुरू हो चुका है। इसलिए अगर कोई गर्भवती अल्ट्रासाउंड करवाना चाहती है तो आरसीएच पंजीकरण जरूर करवा लें।
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क्या है आरसीएच पंजीकरण
नोडल अधिकारी के अनुसार आरसीएच पंजीकरण एक कार्ड के रूप में गर्भवती को दिया जाएगा। इसमें महिला का नाम, पता समेत पूरी जानकारी होगी। अगर पहले से बच्चा है तो उसका रिकॉर्ड भी होगा। आरसीएच नंबर से विभाग के पास गर्भवती का पूरा डाटा उपलब्ध रहेगा। यह पंजीकरण प्रसव और पूर्ण टीकाकरण सेवाओं के लिए बच्चों की ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करता है।
अल्ट्रासाउंड के लिए जरूरी दस्तावेज :
नोडल अधिकारी ने बताया कि अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए हर गर्भवती का आरसीएच पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। चिकित्सक का रेफरेंस कार्ड, आधार कार्ड और आरसीएच नंबर बताने पर ही गर्भवती का अल्ट्रासाउंड किया जा सकता है।
-वर्सन :
आरसीएच पंजीकरण करने के लिए विभाग से आदेश मिले हैं। सभी केंद्रों को सूचित कर दिया गया है। केंद्रों की ट्रैकिंग की जा रही है। एक अप्रैल से पहले सभी केंद्रों का पंजीकरण कर दिया जाएगा। इसके बाद अगर कोई केंद्र आरसीएच पंजीकरण के बिना अल्ट्रासाउंड करेगा तो नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल केंद्र संचालकों को बताकर जिले के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का पंजीकरण किया जा रहा है। -डॉ. रीटा गोयल, नोडल अधिकारी, पीसीपीएनडीटी, भिवानी।
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