जूई थाना क्षेत्र की दो युवतियों से सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपी एएसआई को लेकर परिजन महिला थाने पहुंचे। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। मामले में अब जीआरपी के एक एसआई, एक एएसआई समेत सभी आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जूई थाना क्षेत्र से 22 अगस्त को दो युवतियां संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। जिन्हें परिजन 28 अगस्त की रात को हिमाचल प्रदेश से लेकर आए। युवतियों ने दो रेलवे पुलिस कर्मचारियों समेत आठ पर सामूहिक दुष्कर्म के आरोप लगाए। इस मामले में पानीपत रेलवे पुलिस का एएसआई 53 वर्षीय हरिकिशन केस दर्ज होने के बाद से ही परिवार समेत लापता हो गया था। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अनेक जगह दबिश दी मगर कोई सुराग नहीं लगा। बुधवार शाम करीब साढ़े छह बजे परिजन आरोपी एएसआई हरिकिशन को लेकर महिला थाने पहुंचे और पुलिस के समक्ष पेश किया। जिसके बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। मामले में महिला थाना से एएसआई धर्मली देवी ने बताया कि आरोपी एएसआई हरिकिशन को परिजनों ने पेश किया है। मामले के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
यह था मामला : 22 अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में जूई थाना क्षेत्र की दो युवतियां लापता हो गई थी। परिजनों ने थाने में गुमशुदगी का केस दर्ज करवाया। 28 अगस्त की रात को परिजनों की सूचना मिली कि दोनों युवतियां हिमाचल में है। जिसके बाद परिजन हिमाचल पहुंचे और युवतियों को साथ लेकर घर आए। 30 अगस्त को दोनों युवतियों ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोप लगाए। पुलिस ने युवतियों की शिकायत पर जीआरपी पानीपत के दो कर्मचारियों समेत आठ पर सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज किया। पुलिस ने इंदीवाली वासी रवींद्र, आर्यन लांबा, दीपक पांचाल, मंजीत, पानीपत वासी अंकुश, पानीपत जीआरपी के एसआई धर्म सिंह, एएसआई हरिकिशन के खिलाफ केस दर्ज किया था। युवतियों ने बताया था कि वे घर से दवा लेने के लिए गई थी और रास्ते में उन्हें कुछ नशीला पदार्थ खिलाकर अपहरण किया गया। जिसके बाद उन्हें गोहाना, पानीपत और हिमाचल प्रदेश में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पानीपत रेलवे स्टेशन पर दो पुलिस कर्मचारियों ने क्वार्टर पर पुलिस कार्रवाई के बहाने ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया।