लोहारू बाजार में भरे बरसाती पानी से होकर गुजरता बाइक सवार।
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लोहारू क्षेत्र में सुबह चार बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक झमाझम बारिश हुई। करीब 11 घंटे में 100 एमएम बारिश बताई जा रही है। किसानों को चिंता है कि जल्द ही कपास की फसल से पानी नहीं निकाला गया तो यह फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। भिवानी में तीन एमएम बारिश दर्ज की गई वहीं बवानीखेड़ा, तोशाम, सिवानी में बूंदाबांदी हुई। भिवानी में सुबह छह से नौ बजे तक बूंदाबंादी हुई और करीब तीन एमएम बारिश दर्ज की गई।
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दुकानों में घुसा पानी, लोग परेशान
लोहारू। लोहारू क्षेत्र पर इन्द्र देव इस तरह मेहरबान हुए कि सुबह चार बजे से सायं तीन बजे तक लगातार झड़ी लगी रही। क्षेत्र में 100 एमएम तक बरसात दर्ज की गई है वहीं बरसात से शहर की गलियां जलमग्न हो गई और क्षेत्र में किसानों के खेत में कपास की फसल भी बरसात के जल में डूब गई। क्षेत्र में हुई इस बरसात से किसानों की कपास की फसल को नुकसान होने की संभावना ने किसानों को डरा दिया है क्योंकि खेतों से जल्द ही पानी नहीं सुखा तो निश्चित रूप से कपास की फसल गल जाएगी। लगातार दो दिनों से हो रही बरसात से एक बार फिर से शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है जिसके कारण शहर के आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है शहर की अनेक दुकानों में पानी भरने के भी समाचार है। किसान राजबीर, इन्द्रसिंह, भगत सिंह, रवींद्र कस्वां, सुखबीर बलवान सिंह आदि ने बताया कि सुबह से क्षेत्र में जमकर बरसात हुई है जिसके कारण उनकी कपास की फसल पानी में डूब गई है। किसानों का कहना है पानी खेत में इतना भर गया है कि काफी दिनों तक पानी सूख नहीं पाएगा। जिसके कारण कपास की फसल को नुकसान होने की संभावना है। कृषि अधिकारी चंद्रभान श्योराण के अनुसार शुक्रवार को क्षेत्र में 100 एमएम बरसात दर्ज की गई और आने वाले दो दिनों में बरसात और भी होने की संभावना है। ढाणी मनसुख, बरालू, ढाणी श्यामा, रहीमपुर गागड़वास, ढाणी टोडा सहित अनेक गांवों में किसान की कपास की फसल पूर्ण रूप से जलमग्र हो गई।
लोगों ने जताया रोष
शहर में जलभराव के व्यापारियों और दुकानदारों में गुस्सा व्याप्त है व्यापार मंडल के प्रधान धनपत सैनी, पूर्व प्रधान राधाकृष्ण, रतनलाल अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, संजय खंडेलवाल, अमित डालमिया, मुकेश नकीपुरिया, सुनील भोड़ूका, विपिन सैनी आदि दुकानदारों ने शहर की लचर जल निकासी व्यवस्था पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि नपा प्रशासन ने पहले से प्रबंध किए होते हो शहर में जलभराव की स्थिति पैदा नही होती। नपा की लचर व्यवस्था के कारण एक दिन की बरसात में ही पानी लोगों की दुकानों में घुस गया। उन्होंने इस सिलसिले में जल्दी ही उचाधिकारियों से मिलने की बात कही।