भिवानी/बहल/ढिगावा मंडी/तोशाम/बवानीखेड़ा। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से शुक्रवार को आफत की बारिश हुई। बारिश के साथ जिले के 15 से अधिक गांवों में ओलावृष्टि हुई। इससे किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि ओले पड़ने से दाणा के भी रोले होगे। किसानों ने कहा कि सरसों की फसल में सबसे अधिक नुकसान है।
जिलेभर में औसतन 16 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। जिलेभर के करीब 15 से अधिक गांवों में ओलावृष्टि हुई। शहर की सड़कों पर भी बारिश से जलभराव हुआ। निचले इलाकों में बारिश के पानी की निकासी नहीं होने से लोगों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश से खासकर गेहूं और सरसों की फसल में फायदा मिलेगा। लेकिन जिन गांवों में इस समय ओलावृष्टि सूचना है, वहां मौसम साफ होने पर ही नुकसान का पता चलेगा।
पश्चिमी विक्षोभ की वजह से शुक्रवार सुबह से ही क्षेत्र में बरसात हो रही है। जहां पहले रात्रि तापमान चार से पांच डिग्री बना हुआ था, उसमें आने वाले दिनों में गिरावट दर्ज होगी। दिन-रात के तापमान में अंतर कम होगा। नमी की अधिकता होने के चलते अब धुंध बढ़ेगी, जो सरसों, गेहूं व रबी की अन्य फसलों के लिए लाभदायक होगी। इस बारिश से अब किसानों को लगभग जनवरी माह सिंचाई की आवश्यकता नहीं रहेगी। इससे किसानों का समय व धन बचेगा। - डॉ. देवीलाल, कृषि एवं मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र भिवानी।
बवानीखेड़ा क्षेत्र के छह गांवों में हुई ओलावृष्टि
क्षेत्र के गांव की किराड़, रतेरा, जमालपुर, पपोसा, दुर्जनपुर, बड़सी गांव में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। इसके चलते किसानों को उनकी फसलों में नुकसान होने का अंदेशा है। वहीं किसान विजय शर्मा, अशोक यादव, मेवा सिंह, विजेंद्र सिंह, नरेंद्र, पवन, विनोद, अशोक भूप, रवि ने बताया कि ओलावृष्टि से उनकी तैयार हो रही सरसों, चने व गेहूं की फसलों में नुकसान होने का अंदेशा है। वहीं किसानों ने बताया कि इस बे मौसम की बारिश से किसानों का फसलों में पानी की बहुत आवश्यकता थी। इससे किसानों को हजारों रुपये का डीजल आदि का खर्च बच गया है, लेकिन ओलावृष्टि ने उनकी धड़कनें बढ़ा दी हैं।
बहल क्षेत्र में हुई 20 मिमी बारिश
शुक्रवार को अलसुबह करीब 20 मिमी तक बारिश हुई। इसके बाद दिन में भी रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। वहीं, अनेक जगहों पर जलभराव हो गया। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर, तहसील परिसर व नई अनाज मंडी के सामने पानी भरने से लोग दिनभर परेशान रहे। नई अनाज मंडी के सामने सड़क के दोनों साइड में खोखे लगाने वाले अधिकतर दिहाड़ीदार लोगों को दिनभर खाली बैठे रहना पड़ा।
ढिगावा क्षेत्र के तीन गांव में हुई ओलावृष्टि
ढिगावा क्षेत्र के गांव बिठन, पहाड़ी, नकीपुर में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। कृषि विभाग के तकनीकी प्रबंधक विजय भुगला ने बताया कि हाल ही में हो रही बारिश से किसानों की फसलों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि फसलों में ओलावृष्टि से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।
तोशाम क्षेत्र के गांवों में बारिश के साथ पड़े ओले
तोशाम में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी रही। इससे दुकानदारों व राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं ओलावृष्टि से कई गांवों में किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। क्षेत्र के करीब तीन से चार गांवों में ओलावृष्टि की सूचनाएं मिली हैं। जबकि इस समय हुई बारिश को फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।
किसान बोले: राम नै जमा मार दिये
पहल्या खाद की खातर लाइन मै लाग्ये और नहरी पाणी न तरसे। इब राम नै तो आफत बरसा जमा मार दिये। इब दाणा खातर भी रोले पड़ रे सै। सिरसम मै फूल आरे सैं, एैन बख्त पै ओले पड़गे। खेती मै इब लागत लिकाड़ण मै भी टोटा हो रया सै।
-लैपटैन सिंह किसान।
राम बरसण की कई दिनां तै बाट देखण लाग रे थे, हामनै कै बेरा था इसा बरसैगा। ओल्या नै आधी फसल खत्म कर दी, इब तो घर खातर दाण्या नै भी तरसणा पड़ैगा। तेज हवा मै फसल खेत मै ही बिछगी और ऊपर तै ओल्या नै कसर पूरी कर दी।
-जीतराम किसान।
इब खेती करणा महंगा होग्या सै। इस पै राम भी कोए कसर नी छौड़दा। ओल्या तै 50 फीसदी नुकसान होग्या, इब मुआवजा खातर भी सरकार और प्रशासन कानी देखणा पड़ैगा। अधिकारी खराबा होण के बाद भी फसल का नुकसाण कौनी दिखावै। इसकी मार तो किसान नै ही झेलनी पड़गी। -गिरधर किसान
शुक्रवार को जिलेभर के ग्रामीण क्षेत्र में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलों में 50 फीसदी से अधिक नुकसान की संभावना है। सरकार और प्रशासन ओलावृष्टि से किसानों की प्रभावित फसलों की विशेष गिरादावरी कराकर उचित मुआवजा दिलाए। किसानों को पहले खाद की किल्लत झेलनी पड़ी और महंगा डीजल खर्च कर फसलों की सिंचाई करनी पड़ी। अब उन पर मौसम की मार पड़ी है, जिससे किसानों को अपनी फसलों की लागत निकाल पाना भी मुश्किल हो गया है। किसान सभा सरकार और प्रशासन से विशेष गिरावदारी करा उचित मुआवजा की मांग करती है। -कामरेड ओमप्रकाश उपाध्यक्ष किसान सभा भिवानी।