ढिगावा मंडी। क्षेत्र में लगातार तीसरे दिन बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। गेहूं की पकी फसल खेतों में बिछ गई वहीं पेड़ और खंभे टूटने से दूसरे दिन भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
क्षेत्र में करीब 50 एकड़ से अधिक भूमि पर गेहूं की फसल मौसम की मार से प्रभावित हुई है। कृषि अधिकारी लोहारू के तकनीकी प्रबंधक विजय भुंगला ने बताया कि तेज हवा के बाद हो रही बारिश से गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई है जिससे फसल पूरी तरह तैयार नहीं हो पाएगी और किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। शुक्रवार को क्षेत्र में करीब 5 से 10 एमएम बारिश दर्ज की गई।
कुछ किसानों की सरसों की फसल की कटाई हो चुकी है जबकि कुछ की फसल अभी खेतों में खड़ी है। जैसे ही तेज धूप पड़ेगी, सरसों की फलियां झड़ने का खतरा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। किसानों ने सरकार से जल्द गिरदावरी कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
बलबीर, किसान
किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। लगातार बारिश से कटी हुई सरसों और खड़ी गेहूं दोनों फसलों को नुकसान होने की आशंका है। मौसम खराब रहने पर पैदावार पर भी असर पड़ेगा जिससे आर्थिक परेशानी बढ़ेगी। -संजय, किसान
मौसम की मार के साथ फसल कटाई के बाद कढ़ाई का संकट
कैरू। कैरू-देवराला क्षेत्र में लगातार तीन दिन से हो रही बारिश ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। जिन खेतों से फसल कट चुकी है वहां मजदूर नहीं मिलने से कढ़ाई में परेशानी आ रही है जबकि खड़ी फसल वाले किसान बारिश रुकने का इंतजार कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि गीली फसल को मशीन से काटना मुश्किल होता है जिससे उन्हें मजदूरों की कमी का भी सामना करना पड़ रहा है। धूप निकलने के बाद ही फसल सूखने पर कंबाइन से कटाई संभव हो पाएगी। किसानों ने बताया कि मेहनत से तैयार की गई फसल बर्बाद हो रही है जिससे आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वहीं मजदूरों ने बताया कि इन दिनों कटाई का काम अधिक मिलता है लेकिन बारिश के कारण काम नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्र में अब तक करीब 10 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
पिछले तीन दिन से बारिश के कारण फसल कटाई का काम ठप पड़ा है। जब तक मौसम साफ नहीं होगा तब तक काम मिलना मुश्किल है। मजदूरों ने जल्द बारिश रुकने की प्रार्थना की है ताकि काम दोबारा शुरू हो सके। -मुकेश वर्मा, मजदूर
लगातार बारिश और आंधी ने जनजीवन के साथ-साथ फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। अच्छी पैदावार की उम्मीद थी लेकिन बदलते मौसम ने हालात बिगाड़ दिए। सरकार पीड़ित किसानों को मुआवजे दे ताकि वे अपना घर खर्च चला सके। -मदन, किसान