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फिर से बारिश हुई तो जलमग्न होगा शहर

Tue, 26 Jul 2016 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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मानसून सीजन की एक और झमाझम बरसात शहर डूबा देगी। शहर की ठप सीवरेज व्यवस्था व प्रशासन सहित जन स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद का सुस्त रवैया इसके लिए जिम्मेवार है। गत दिनों हुई करीब 90 एमएम बारिश के बाद बने विकट हालातों से सबक नहीं लेना भी गैर जिम्मेदाराना ही है। ठप सीवरेज व्यवस्था के चलते जहां मुख्य नाले ओवरफ्लो कर रहे हैं तो वहीं विभाग भी सीवरेज का दूषित पानी मोटरों के जरिए मुख्यमार्गों पर ही निकाल रहा है। इससे तय है कि बरसात के दौरान प्रशासन अपने हाथ खड़े कर लेगा और फिर शहरवासियों की जान आफत में आ जाएगी। आमजन से जुड़े इस मुद्दे प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए अमर उजाला ने कई बार खबरें प्रमुखता से प्रकाशित भी की है।
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सीवरेज की लचर व्यवस्था इस समय करीब 250 कर्मचारियों पर भारी पड़ रही है। हालात यह है कि नई सीवरेज लाइनें भी जवाब देने लगी हैं। सीवरेज व बरसाती पानी इस समय जलचक्र बनकर रह गया है। हालात यह है कि दूषित पानी शहर से बाहर ही नहीं निकल पा रहा है। प्री-मानसून में हुई बरसात के दौरान भी बने विकट हालातों से शहर को पार तारने के लिए अमर उजाला ने 10 जून, 15 जून व 13 जुलाई के संस्करण में इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया। बावजूद इसके न तो संबंधित विभाग चेता और न ही स्थानीय प्रशासन। इसका नतीजा यह निकला कि मुख्य नालों का दूषित पानी अब ओवरफ्लो होकर सड़कों तक आ पहुंचा है।   पुरानी सीवरेज लाइन  ही नहीं अब तो देखरेख व नियमित रूप से छंटाई एवं सफाई न होने की वजह से नई सीवरेज लाइनों ने भी जवाब देना शुरू कर दिया है।

250 कर्मचारियों के जिम्मे है छंटाई का कार्य
शहर मेें करीब 250 कर्मचारी सीवरेज की देखरेख व व्यवस्था में काम  पर तैनात हैं लेकिन कोई स्थाई समाधान  नहीं हो पा रहा है। बरसाती पानी भी जलचक्र बनकर रह गया है। एक जगह के पानी का  उठान कर दूसरी खाली जगह डाल दिया जाता है या फिर समीप के किसी जोहड़ में डाल दिया जाता है।
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एक साल से नहीं ली एसटीपी प्लांट की सुध
छोटे प्वाइंटों पर विभाग ने पंप सैट नहीं लगा रखे हैं केवल पांच पंप सैट जोहड़ों  आदि पर लगा रखे हैं। शहर के विभिन्न भागों में काफी जगह ऐसी हैं जहां पंप सैट के जरिए ही सीवरेज पानी का उठान संभव है। समसपुपर एसटीपी  को शहर से जोडने वाली मेन लाइन इस समय ओवरफ्लो बनी हुई है। दिल्ली रोड ओवरब्रिज के समीप यह लाइन पिछले लंबे समय से बैक मार रही है। पिछले एक साल से ठप पड़े एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) तक बरसाती व दूषित पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
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