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रेलवे ग्रुप डी में भर्ती के नाम पर पांच युवकों से ठगे 40 लाख

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नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये ऐंठने का खेल लगातार चल रहा है। अब नया मामला शहर थाना क्षेत्र का सामने आया है, जिसमें पांच युवकों से नौकरी लगवाने के नाम पर 40 लाख रुपये ठगे गए। यहां दो युवकों को तो फर्जी ट्रेनिंग करवा कर नियुक्ति पत्र भी थमा दिए गए। जब ये दोनों युवक नियुक्ति के लिए गए तो सारे खेल का खुलासा हुआ। अब रुपये वापस मांगने पर जान से मारने और छेड़छाड़ के केस दर्ज कराने की धमकी दी जा रही है। पुलिस ने शिकायत पर एक महिला सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
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मामला नवंबर 2019 का है। पुलिस को दी शिकायत में हनुमान गेट न्यू वाल्मीकि बस्ती निवासी मुकेश ने बताया कि उसकी करीब डेढ़ साल पहले जमालपुर निवासी भट्ठा संचालक मुकेश यादव से तोशाम में जान-पहचान हुई। इस दौरान ही मुकेश यादव ने उसे बताया कि किसी जानकार को रेलवे में ग्रुप डी में टीटीई या एसबीआई में क्लर्क लगवाना हो तो बता देना। दिल्ली में हमारे कुछ जानकार हैं, जो रुपये लेकर नौकरी लगवाते हैं। इसके कारण उसने अपने तीन भांजे, एक साला, एक दोस्त के भाई को नौकरी लगवाने के लिए इससे संपर्क किया। वह उसे दिल्ली ले गया, जहां मोहाली (पंजाब) में यश इंटरप्राइजेज के जसपाल सिंह रावत से मुलाकात करवाई। दोनों ने रुपये के बारे में बताया कि रेलवे ग्रुप डी व टीटीई में भर्ती के लिए 10 लाख रुपये लगेंगे। छह लाख नकद देने होंगे और चार लाख नियुक्ति पत्र मिलने के समय। एसबीआई में क्लर्क की नियुक्ति के लिए नौ लाख रुपये लगेंगे। सात लाख नकद और दो लाख नियुक्ति के समय। दोस्त के भाई रिवासा निवासी संदीप, तोशाम निवासी रजत, पानीपत निवासी प्रशांत, हिसार वासी कर्ण, महम वासी सुनील को रेलवे ग्रुप डी में लगवाने की बात हुई और 10-10 लाख रुपये में बात तय की गई। नवंबर-दिसंबर, 2019 और जनवरी, 2020 में 25 लाख रुपये भी दे दिए गए। जिसके बाद उन्हें एक बार फिर दिल्ली बुलाया और संदीप को दिल्ली का ही ट्रेनिंग कॉल लेटर दिया। रजत को पटना (बिहार) का ट्रेनिंग लेटर दिया गया। उनसे कहा गया कि ट्रेनिंग पूरी होने के एक सप्ताह बाद ही ज्वाइनिंग लेटर मिल जाएगा। उस समय कहा गया कि बाकी तीन की ट्रेनिंग के लिए अभी जगह तय नहीं हुई है। 20-25 दिन लगेंगे। कुछ दिन बाद फिर उन्हें दिल्ली बुलाया और हरजीत कौर नामक महिला से मिलवाया और बताया कि यह बड़ी अधिकारी हैं और ये ही नियुक्ति पत्र देंगी। उक्त महिला ने संदीप और रजत को नियुक्ति पत्र दिए। फिर उसने नियुक्ति पत्र के बाद रुपये मांगे। हमने 15 लाख रुपये और उन्हें दे दिए। संदीप और रजत नियुक्ति पत्र के आधार पर ज्वाइन करने गए तो वहां कर्मचारी कुछ दिन तो टालते रहे। बाद में कहा कि न तो यहां ऐसी कोई वैकेंसी है और ये नियुक्ति पत्र भी फर्जी है। इससे वे हैरान रह गए। तुरंत मुकेश यादव, जसपाल सिंह और हरजीत कौर से संपर्क साधा तो जवाब दिया गया कि वह नया कर्मचारी आया होगा। आप दिल्ली आ जाओ। वहां गए तो कुछ दिन टालते रहे। बाद में महिला से फोन पर रुपये वापस मांगे तो उन्हें ही छेड़छाड़ का झूठा केस दर्ज कराने और हत्या की धमकी दी जाने लगी। न्यू वाल्मीकि बस्ती वासी मुकेश ने बताया कि उसके कहने पर रिश्तेदारों और दोस्त ने बड़ी मुश्किल से रुपये एकत्रित कर नौकरी के लिए दिए थे और अब सभी परेशान हैं। इसमें कार्रवाई कर रुपये वापस दिलाए जाएं।
एसएचओ रवींद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में मोहाली वासी जसपाल सिंह रावत, करोल बाग दिल्ली वासी हरजीत कौर, जमालपुर वासी मुकेश यादव के खिलाफ धोखाधड़ी व विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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