भिवानी। शिक्षिका मनीषा की मौत के मामले में पुलिस की सुसाइड थ्योरी पर परिजनों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का कहना है कि मनीषा की मौत के पांच दिन बाद सोमवार को सोशल मीडिया से उन्हें पता चला कि शव के पास से कोई सुसाइड नोट भी मिला था। इस बात की जानकारी पुलिस ने उन्हें पहले कभी नहीं दी।
मीडिया से बातचीत के दौरान मनीषा के दादा रामकिशन भी फफक पड़े। उन्होंने बताया कि पोती हर बात उनसे साझा करती थी। मनीषा तीन साल का नर्सिंग कोर्स करना चाहती थी। उन्होंने उसे आश्वस्त किया था कि अगर पिता पैसे नहीं देंगे तो वह खुद खर्चा उठाएंगे। इतनी हिम्मती और सपनों से भरी लड़की आत्महत्या कैसे कर सकती है।
परिजनों ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोई इंसान खुद अपना गला कैसे काट सकता है और चेहरे पर तेजाब कैसे डाल सकता है। परिवार का कहना है कि जिस दिन मनीषा का शव खेत से बरामद हुआ था उस दिन पुलिस ने स्पष्ट कहा था कि उसकी हत्या हुई है। अब पुलिस सुसाइड नोट का हवाला देकर मामले को भटकाने की कोशिश कर रही है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि शुरू से ही पुलिस इस केस में गुमराह करती रही है। पहले कत्ल की बात कही और अब सुसाइड थ्योरी के जरिए जांच की दिशा बदलने का प्रयास किया जा रहा है।