थानों में खुले दरबार लगाकर लोगों की शिकायतों का निवारण करने के अभियान में पहले दिन लोगों ने कोई खास रुचि नहीं दिखाई। शहर क्षेत्र के तीनों थानों के खुले दरबार में न परिवादी पहुंचे और न अधिकारी दिखे। औसतन बमुश्किल पांच शिकायतें प्रति थाना में पहुंची। पुलिस अधिकारियों को आस है कि भविष्य में इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
पुलिस अधीक्षक की ओर से सभी डीएसपी की थानों में खुले दरबार लगाकर लोगों के परिवादों का निपटारा करने की ड्यूटी लगाई गई थी। प्रत्येक शनिवार और रविवार को ये खुले दरबार लगाए जाएंगे। शनिवार को पहला खुला दरबार लगा। न अधिकारी पहुंचे और न परिवादी। शहर थाना में लगे खुले दरबार में डीएसपी हेड क्वार्टर चंद्रपाल बिश्नोई पहुंचे। सिविल लाइन थाना में दिनभर खाली टेंट ही नजर आया। यहां डीएसपी तो नहीं पहुंचे मगर एसएचओ रवींद्र ने लोगों की शिकायतें सुनी।
चार-पांच शिकायतें ही पहुंची। ऐसा ही हाल सदर थाना का रहा। यहां भी कोई डीएसपी नहीं पहुंचा मगर एसएचओ जय सिंह लोगों के परिवार सुनने के लिए मौजूद रहे। यहां भी लोगों ने कोई खास रुचि नहीं दिखाई और चार-पांच ही परिवादों की सुनवाई हुई। डीएसपी हेड क्वार्टर चंद्रपाल बिश्नोई ने बताया कि खुले दरबार निरंतर लगाए जाएंगे। आज पहला दिन था और लोग इसके बारे में ज्यादा जागरूक नहीं। इस कारण संख्या उतनी नहीं रही। मगर इसके भविष्य में बेहतर परिणाम होंगे।