फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बर्खास्त शारीरिक शिक्षकों के जेल भरो आंदोलन में हंगामा, बीच सड़क पर लेटे कर्मचारी

विज्ञापन
गिरफ्तारी के दौरान ओर बसें मंगाने की मांग को लेकर सड़क पर लेटकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को सम - फोटो : Bhiwani
विज्ञापन
बर्खास्त कर्मचारियों ने विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों के साथ मिलकर शहर में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों के जेल भरो आंदोलन के दौरान बसें कम पड़ी तो कर्मचारी बसों के आगे सड़क पर ही लेट गए और पर्याप्त बसें मंगवा सभी कर्मचारियों को एक साथ ही ले जाने की जिद की। जिसके बाद पुलिस ने कर्मचारियों को उठाकर बसों में ठूंसा। इस दौरान 2040 कर्मचारियों ने गिरफ्तारी दी। उन्हें बीडी गुप्ता पार्क में बनाई अस्थायी जेल में छोड़ा गया, जहां से कर्मचारी जिला जेल जाने लगे तो पुलिस ने रोका। इस दौरान पुलिस और कर्मचारियों में तीखी नोक-झोंक हुई।
विज्ञापन

शुक्रवार को अपने तय जेल भरो आंदोलन के तहत बर्खास्त शारीरिक शिक्षक हुडा पार्क में एकत्रित हुए। बर्खास्त कर्मचारियों के समर्थन में विभिन्न विभागों के विभिन्न संगठनों से जुड़े कर्मचारी भी पहुंचे। यहां रोष सभा करने के बाद सभी जुलूस के रूप में हांसी गेट, पुराना बस स्टैंड, चिड़ियाघर रोड होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जहां डीएसपी हेडक्वार्टर के नेतृत्व में भारी पुलिस फोर्स तैनात थी। बर्खास्त शिक्षकों व कर्मचारियों ने यहां नारेबाजी कर रोष जताया और तहसीलदार मोहन लाल को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। जेल भरो आंदोलन के तहत जिला प्रशासन की ओर से आठ बसें मंगवाई गई थी। कर्मचारियों की गिरफ्तारी की जाने लगी तो बसें कम पड़ गई। जिसके बाद कर्मचारी मुख्य मार्ग पर बसों के सामने ही लेट गए और पर्याप्त बसें मंगवाकर सभी कर्मचारियों को एक साथ ही ले जाने की जिद की। डीएसपी कर्मचारियों को समझाते रहे। बाद में सभी कर्मचारियों को उठाकर बसों में ठूंसा गया। इस दौरान पुलिस ने तीखी नोक-झोंक भी हुई। यहां से सभी कर्मचारियों को हांसी रोड पर बीडी गुप्ता पार्क में बनाई अस्थाई जेल में ले जाया गया। वहां छोड़े जाने के बाद कर्मचारी जिला जेल की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोका। इस दौरान भी पुलिस और कर्मचारियों में तीखी नोक-झोंक हुई। बाद में समझाकर कर्मचारी नेताओं को शांत किया।
सरकार पर बरसे कर्मचारी नेता
हुडा पार्क में हुई रोष सभा में कर्मचारी नेता सरकार पर जमकर बरसे। जिला प्रधान दिलबाग जांगड़ा, सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान सुखदर्शन सरोहा, सीटू नेता रामेहर, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ से अशोक चाहर, राजकीय अध्यापक महासंघ से सज्जन सांगा, एचपीटीए से जंगबीर कासनिया, हसला जिला प्रधान अतर सिंह मलिक, हेमसा राज्य संगठन सचिव राजेश लांबा, नप कर्मचारी नेता पुरुषोत्तम दानव, अजीत बामला ने कहा कि सरकार हरियाणा शारीरिक शिक्षकों के साथ-साथ सभी विभागों के कर्मचारियों का उत्पीड़न करने पर उतारू है। जो वादे किये थे उनको पूरा करने में असमर्थ साबित हुई है। सरकार द्वारा आए दिन किसी ना किसी विभाग का निजीकरण किया जा रहा है। हरियाणा शारीरिक शिक्षकों को आज दो माह बीत गए हैं, लेकिन सरकार के नुमाइंदे केवल आश्वासन तक ही सीमित हैं, उनको बहाल करने में आनाकानी कर रहे हैं। जिसको कर्मचारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
विज्ञापन

जन संगठनों ने किया समर्थन
हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ-70, बीएसपी, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, सर्व कर्मचारी संघ, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ, हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन, हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ, कलां अध्यापक, आंगनबाड़ी वर्कर्स, वन विभाग, हरियाणा राज्य परिवहन भिवानी, बहुजन क्रांति मोर्चा, आंबेडकर राइट्स मंच, ग्राम पंचायत सिवाना, बॉमसेफ, एमडीएम वर्कर्स, एचएमएस, एटक, सीटू, आशा वर्कर, हसला सहित अन्य संगठनों ने भी समर्थन किया।
ये रहे मौजूद : इस अवसर पर सूरजभान जटासरा, जयबीर नाफरिया, विनोद परमार, अतर सिंह मलिक, अजीत राठी, श्रीभगवान, सुनील गोलपुरिया, राजेश सम्भ्रवाल, हंसराज तंवर, अशोक चाहर, कृष्ण मलिक, जयकिशन बौद्ध, सुदेश रिवासा, जुगनू सरोहा महम, प्रवीण कुमार, जय कुमार, विजय कुमार, डा. शमशेर सिंह, जगबीर दहिया, तेजराज, सुनीता सरोहा, रमेश मल्हान, राजेश ढांडा, बलवान डीपीई, वीरेंद्र घनघस, राजपाल तंवर, विनोद पिंकू, विनोद बॉक्सर, सोमदत्त शर्मा, रामपाल, भूप डीपीई आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें