भिवानी। कोरोना की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर प्रदेश सरकार जिला भिवानी में नियुक्त हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव महावीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन के साथ-साथ दिहाड़ीदार/ असंगठित मजदूरों के समक्ष भोजन की कोई समस्या नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों के सहयोग से इनकी पहचान की जाए और उनको समुचित खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई जाए। प्रधान सचिव लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए नियुक्त किए विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।
उन्होंने खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक को राशन वितरण की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। ईंट-भट्ठों पर कार्य करने वाले मजदूरों को भी भोजन की कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जीएमडीआईसी को निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले मजदूरों की पहचान की जाए और उनकी स्थिति के बारे में मालूम किया जाए। इसके लिए औद्योगिक इकाइयों के संचालकों व उनके संगठनों का सहयोग के लिया। मजदूरों के समक्ष भोजन के अभाव में पलायन की स्थिति नहीं बननी चाहिए। उन्होंने मार्केट कमेटी के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि रोजमर्रा में प्रयोग होने वाली खाद्य सामग्री जैसे प्याज, टमाटर गोभी, आलू, केला, पपीता आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस दौरान एसपी संगीता कालिया, एडीसी डॉ. मनोज कुमार, एसडीएम भिवानी महेश कुमार, नगराधीश सुरजीत सिंह, तोशाम के एसडीएम संदीप कुमार, लोहारू के एसडीएम जगदीश चंद्र, डीएसपी वीरेंद्र सिंह, सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादयान, जिला राजस्व अधिकारी प्रमोद चहल, सचिव रेडक्रास श्याम सुंदर शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह श्योराण, सचिव मार्केट कमेटी ज्योति धनखड़, पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. जय सिंह, कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. प्रताप सिंह संभ्रवाल और नगर परिषद सचिव राजेश महता आदि विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
असंगठित मजदूरों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत
प्रधान सचिव महावीर सिंह ने कहा कि आमजन के साथ-साथ दिहाड़ीदार और असंगठित मजदूरों की स्थिति पर गौर करने की जरूरत है, जिनकी आजीविका केवल प्रतिदिन के कार्य पर ही निर्भर थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे परिवारों को एक हजार रुपये प्रति सप्ताह सहायता राशि की घोषणा की है लेकिन वह व्यक्ति कोई अन्य योजना का आर्थिक लाभ न लेता हो। उन्होंने कहा कि इनमें फड़ वाले, रेहड़ी वाले, रिक्शा चालक, दुकानों पर काम करने वाले, पल्लेदार आदि शामिल हैं, इनकी पहचान की जाए। प्रधान सचिव ने नगर परिषद सचिव को निर्देश दिए सरकार की हिदायतों के अनुरूप जरूरतमंद गरीब परिवारों के लिए एक सप्ताह तक भोजन के पैकेट तैयार करवाएं जाएं और सही ढंग से वितरण करवाया जाए।
वृद्धा आश्रम और बाल सेवा आश्रम में न रहे खाने की कमी
प्रधान सचिव ने बैठक में श्रम विभाग के अधिकारियों से शहर में वृद्धाश्रम, बाल सेवा आश्रम और नारी निकेतन की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए इनमें रह रहे लोगों की संख्या के बारे में मालूम किया जाए और उनके लिए भोजन की उचित व्यवस्था हो। वहीं उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि प्रशासन का सहयोग देने के लिए अनेक सामाजिक व स्वयंसेवी संस्थाएं आगे आ रहीं और उनकी मदद से सूखा व तैयार भोजन वितरित किया जा रहा है। प्रशासन, पुलिस और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से करीब 1400 जरूरतमंद परिवारों को भोजन/खाद्य सामग्री दी जा चुकी है।