समय पर प्रॉपर्टी टैक्स की भरने वाले प्रॉपर्टी होल्डर का चरखी दादरी नगर परिषद अब फ्री में जीवन बीमा करवाएगी। इतना ही नहीं उपभोक्ता का जीरो बैलेंस पर खाता भी खुलवाया जाएगा। यह सुविधा प्रदेशभर में पहली बार शुरू होने जा रही है। नप अधिकारियों की फिलहाल इस संबंध में तीन बैंकों से बातचीत चल रही है। बीमा राशि की सीमा अब तक तीन लाख निर्धारित हो चुकी है और इसमें और इजाफा होने की भी संभावना है। नप कार्यकारिणी द्वारा इस प्लानिंग को पास भी किया जा चुका है। इस योजना से एक तरफ जहां नगर परिषद की आय बढ़ेगी तो दूसरी ओर प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान होने के साथ-साथ आमजन का जीवन बीमा भी हो जाएगा। जो लोग अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवा चुके हैं, उन्हें भी इस दायरे में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
अब तक हरियाणा में किसी भी नगर पालिका, नगर परिषद व नगर निगम द्वारा प्रॉपर्टी या अन्य टैक्स की अदायगी करने वालों के लिए ऐसी सेवा शुरू नहीं की गई है। वहीं, नप अधिकारियों की मानें तो देशभर में ऐसा कदम अब तक एक या दो नगर परिषद व नगर निगम ने ही उठाया है। चरखी दादरी नगर परिषद की इस प्लानिंग का लाभ प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में आने वाले करीब 23 हजार लोगों को मिलेगा। इसका पूरा खाका तैयार हो चुका है और दो बैंकों ने तो इससे जुड़ने पर सहमति भी जता दी है। फिलहाल बीमा राशि को लेकर पेंच अटका हुआ है। नप अधिकारियों की मानें तो एक बैंक ने करीब दो लाख रुपये तक का तो दूसरे ने तीन लाख रुपये तक का बीमा करने की हामीं भरी है। लेकिन इस राशि को और बढ़ाने के लिए अन्य बैंकों से भी तालमेल करने का प्रयास किया जा रहा है। अगले सप्ताह तक एक बैंक का चयनित कर लिया जाएगा और इसके तुरंत बाद प्रॉपर्टी टैक्स की अदायगी समय पर करने वाले उपभोक्ताओं को इसका लाभ दिया जाएगा। दादरी शहर में 23 हजार टैक्स होल्डर में से सात हजार कामर्शियल, 15 हजार रिहायशी व एक हजार इंडस्ट्रियल क्षेत्र से जुड़े हैं। इस योजना में इन सभी को शामिल किया गया है। नए वित्त वर्ष की शुरुआत में ही प्रॉपर्टी टैक्स भरने वाले की जीवन बीमा पॉलिसी अपने आप ही अपडेट हो जाएगी। वहीं, अगर एक साल प्रॉपर्टी टैक्स भरने के बाद अगले साल ऐसा न करने वालों का जीवन बीमा पालिसी रद्द हो सकती है।
70 लाख रिकवरी का टारगेट
नगर परिषद ने पिछले साल बकाया प्रॉपर्टी टैक्स 1.40 करोड़ की रिकवरी की थी। हालांकि इस रिकवरी में सरकारी विभाग भी शामिल थे। इनके अलावा पिछले चार-पांच सालों से प्रॉपर्टी टैक्स की अदायगी न करने वाले नई सब्जी मंडी व अनाज मंडी व्यापारियों ने भी अपना टैक्स भर दिया था। इनके अलावा शहर की प्रमुख शिक्षण संस्थाओं को भी नोटिस थमाए गए थे। इनमें से कुछेक की बकाया राशि को तो नप अधिकारियों ने डीसी के संज्ञान में मामला लाकर राजस्व घोषित करवा लिया था। इस संबंध में एक शिक्षण संस्था ने तो कोर्ट की भी शरण ली है। वहीं, इस साल अप्रैल माह की शुरुआत में नगर परिषद को प्रॉपर्टी टैक्स की एवज में 70 लाख रिकवरी का नया टारगेट मिला है।
31 जुलाई तक मिलेगी 10 प्रतिशत छूट
प्रदेश सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स की अदायगी में रुचि न लेने की स्थिति को भांपते हुए पहले 31 मार्च तक 25 प्रतिशत छूट दी थी। निर्धारित समय बीतने के बाद भी इस छूट को 31 अप्रैल तक जारी रखा गया है। अब सरकार के आदेशों पर नगर परिषद ने 31 जुलाई तक भी प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करने पर 10 प्रतिशत छूट देने का नया प्रावधान बनाया है।
इस प्लानिंग से नगर परिषद व टैक्स होल्डर दोनों का फायदा पहुंचेगा। इस योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारियां कर रहे हैं। अगले सप्ताह तक इसे अंतिम रूप देकर धरातल पर उतारा जाएगा।
संजय छपारिया, चेयरमैन, चरखी दादरी नगर परिषद
हमारी बैंकों से बातचीत चल रही है। एक बैंक ने तो दो लाख रुपये तक का जीवन बीमा करने पर सहमति जताई है। इस राशि को और बढ़ाने का हम प्रयास कर रहे हैं। शहर में करीब 23 हजार प्रॉपर्टी टैक्स होल्डर है और इस बार करीब 70 लाख की रिकवरी पेंडिंग हैं।
-प्रशांत पराशरा, टैक्स सुपरीडेंट, चरखी दादरी नगर परिषद