रिटायर्ड प्रिंसिपल उमेश कुमार का फाइल फोटो।
भिवानी। जूई नहर में छलांग लगाकर जान देने वाले 63 वर्षीय सेवानिवृत्त प्राचार्य उमेश कुमार का शव दूसरे दिन एनडीआरएफ की टीम ने लोहानी पंप हाउस से बरामद किया। उन्होंने पिता और पुत्र की धमकियों से परेशान होकर नहर में छलाग लगाई थी।
मूल रूप से जींद जिले के गांव लजवान कलां निवासी उमेश कुमार उचाना के कॉलेज में प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए थे और पिछले करीब दो साल से भिवानी के परशुराम नगर कॉलोनी में रह रहे थे। उनके साले सुदीप शर्मा की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने परशुराम कॉलोनी निवासी अरविंद और उसके बेटे अनिल के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शहर की नई अनाज मंडी निवासी सुदीप शर्मा ने सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बड़ी बहन अनीता की शादी जींद के गांव लजवान कलां निवासी उमेश कुमार के साथ हुई थी। अनीता के दो बेटे हैं। उमेश कुमार उचाना के कॉलेज में प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त होने के बाद करीब दो साल से भिवानी के परशुराम नगर कॉलोनी में रह रहे थे।
सुदीप ने बताया कि 14 अगस्त को उसकी बहन अनीता ने उसे बताया कि उसके जीजा उमेश कुमार काफी परेशान हैं। जब उसने उमेश कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि परशुराम कॉलोनी निवासी अरविंद और उसका बेटा अनिल काफी समय से उन्हें परेशान कर रहे हैं और लगातार धमकियां दे रहे हैं।
शुक्रवार सुबह उमेश कुमार अपनी साली के बेटे आशुतोष के साथ तोशाम बाईपास पर जूई नहर की तरफ घूमने गए थे। इसी दौरान उमेश कुमार ने नहर में छलांग लगा दी।
आशुतोष ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलने पर एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। डीएसपी महेश कुमार ने भी घटनास्थल का मुआयना किया।
सदर थाना प्रभारी महावीर सिंह ने बताया कि पिता-पुत्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।