भिवानी। गर्मी के मौसम में हरी सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं। लेकिन इस बार गर्मी में सब्जियों के दामों में गिरावट आई है। इसका मुख्य कारण इस बार सब्जियों की पैदावार अच्छा होना बताया जा रहा है। शादियाें का सीजन भी चला गया है। पर गर्मी में तापमान अधिक होने सेे सब्जी जल्दी खराब होने का भय है। इस कारण सब्जियों के दाम कम हैं। इससे आमजन खुश हैं पर किसान को दाम कम मिलने पर वह चिंतित हैं।
मई के पहले सप्ताह तक सब्जियों के भाव आसमान पर थे। लेकिन जैसे ही गर्मी बढ़ती गई इनकी कीमत कम होती गई। टमाटर 10 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिक रहा है, भिंडी, तोरी, घीया, प्याज, टिंडा,पत्ता गोभी, शिमला मिर्च 20 से 25 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। फूल गोभी 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। पत्ता गोभी गर्मी के सीजन में 20 से 25 रुपये प्रति किलो है।
सब्जी मंडी में काम करने वाले गोपाल ने बताया कि टमाटर का दाम 10 से 15 रुपये प्रति किलो है। करेला 30 रुपये किलो है। आलू 25 से 30 रुपये किलो में बिक रहा है। प्याज 25 से 30 रुपये प्रति किलो तक है। उन्होंने बताया कि अबकी बार सब्जियों की फसल बहुत अच्छी हुई है। मई महीने की 10 तारीख तक शादियां थी, अब शादियां जुलाई में होंगी। बरसात आने तक सब्जियों की आवक अच्छी ही रहेगी। गर्मी बढ़ने से इनके दामों में गिरावट है। वहीं सब्जियों के साथ-साथ गर्मी में सबसे ज्यादा तरबूज, खरबूजा, आम की ज्यादा डिमांड है। मंडी में फलों की बस तरबूज और आम की दुकानें सजी हैं। मंडी में हरी ककड़ी भी ग्राहकाें की पसंद है, जिसके दामों में गिरावट नहीं है जो 25 से 30 रुपये किलो बिक रही है।
सब्जी मंडी में अभी सब्जियों व फलों के दामों में गिरावट चल रही है। गर्मी के कारण सब्जी व फलों के जल्दी खराब होने की संभावना रहती है। जिसकी वजह से दामों में गिरावट है। सब्जी मंडी में सब्जी व फलों की आवक पूरी है। ग्राहकों की पहली पसंद आम, तरबूज, खरबूजा है। मंडी में फलों व सब्जियों के दामों में गिरावट तो है पर दोनों के दामों में सामान्य गिरावट है।
-राकेश सांगवान, मंडी सुपरवाइजर