भिवानी। जिला राजस्व अधिकारी के जाली हस्ताक्षर और फर्जी दस्तावेजों के सहारे भूमि अधिग्रहण मुआवजा वितरण के नाम पर 52 लाख की सरकारी राशि हड़पने के आरोपी पटवारी को अब बर्खास्त किए जाने की तैयारी हो चुकी है। गबन का आरोपी अनुबंध (एचकेआरएन) पर पटवारी लगा हुआ है। जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस थाना में आरोपी पटवारी पवन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस भी दर्ज हो चुका है। इसके बाद इस पर अब विभागीय गाज गिरेगी।
राजस्व अधिकारी राजकुमार ने जब कानूनगो मनोज से कितलाना निवासी व्यक्ति और महिला के बिल रिकाॅर्ड के बारे में जानकारी ली तो सामने आया कि इस संबंध उनके पास कोई रिकाॅर्ड नहीं है। जबकि ऑनलाइन जांच करने पर इन व्यक्तियों का बिल प्रदर्शित हो रहा है। संदेह होने पर राजस्व अधिकारी राजकुमार ने ईपीएस की प्रति मंगवाई। इसमें पता चला कि लेन-देन में उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। इस संबंध में राजस्व अधिकारी राजकुमार ने पुलिस को शिकायत देकर पटवारी पवन और इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिकायत दी।
पहले किया मुआवजा भुगतान, बाद में पत्नी के खाते में कराई राशि ट्रांसफर
विभागीय जांच में सामने आया कि पटवारी पवन ने तैयार किए बिल के रुपये कितलाना निवासी व्यक्ति और महिलाओं के खाते में डलवा दिए थे। इसके बाद उन संबंधित लोगों के बैंक खातों से राशि आरोपी पटवारी की पत्नी के बैंक खाता में ट्रांसफर कराई गई। राजस्व अधिकारियों को पता चला कि नरेंद्र ने पटवारी पवन की पत्नी लक्ष्मी के खाते में लाखाें रुपये ट्रांसफर करवाए हैं। लक्ष्मी का बैंक खाता चैक करने पर 8.13 लाख रुपये मिले। बैंक से ये खाता अब सीज करा दिया है।
मामले की शिकायत के बाद आरोपी पटवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हो चुका है। वहीं अनुबंध आधार पर लगे पटवारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के तहत उसे बर्खास्त किए जाने और गबन की गई लाखों की राशि उगाही के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
-राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी, भिवानी।