गांव प्रेमनगर में हुए जलभराव को दिखाते ग्रामीण।
भिवानी। दो दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने गांव प्रेमनगर को बाढ़ की चपेट में ला दिया है। गांव के कई हिस्सों, विशेषकर वाल्मीकि बस्ती में घरों के अंदर चार-चार फुट तक पानी भरा हुआ है। हालात बिगड़ने के कारण ग्रामीण अपने घर छोड़कर मंदिरों, स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर शरण लेने को मजबूर हैं। गांव का श्मशान घाट तक पानी में डूब चुका है।
बाढ़ से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के सरपंच, पंचायत सदस्य और ग्राम विकास एवं शिक्षा समिति प्रेमनगर लगातार राहत कार्यों में जुटे हैं लेकिन हालात नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं। पंचायत का बाढ़ राहत बजट भी खत्म हो चुका है। वाल्मीकि बस्ती में कई परिवारों के घरों को भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से तत्काल राहत कार्य शुरू करने, खेतों में डूब चुकी फसलों और घरों में हुए नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
गांव प्रेमनगर में बाढ़ के कारण हालात बेहद गंभीर हैं। बेघर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। पंचायत का बाढ़ राहत बजट भी समाप्त हो चुका है। प्रशासन से अपील है कि स्थिति से निपटने के लिए तत्काल प्रबंध किए जाए और क्षतिग्रस्त घरों व बर्बाद फसलों का उचित मुआवजा दिया जाए। - राजेश बूरा, सरपंच, प्रेमनगर
गांव में हर ओर पानी का सैलाब है। तालाब, नाले, रास्ते और खेत पानी से लबालब हैं। कई घरों में तीन से चार फुट तक पानी भरा है। ग्राम विकास एवं शिक्षा समिति प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी है। समिति ने प्रशासन से अपील की है कि बाढ़ से राहत के लिए तुरंत कदम उठाए जाए। -रमेश बूरा, प्रेस सचिव, ग्राम विकास एवं शिक्षा समिति प्रेमनगर