भिवानी में बाढ़ नियंत्रण के लिए निरीक्षण करते अधिकारी।
भिवानी। मानसून की दस्तक से पहले संभावित जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में वीरवार को डीसी साहिल गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों के साथ बाढ़ राहत तैयारियों का व्यापक निरीक्षण किया।
डीसी ने विभिन्न गांवों और शहरी क्षेत्रों में ड्रेनेज व्यवस्था, अमृत सरोवर, जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) परियोजनाओं, स्कूलों में जल संरक्षण कार्यों तथा सीवरेज एवं जल निकासी परियोजनाओं का जायजा लिया। उन्होंने गांव निनान स्थित जलघर के वाटर टैंक में सेफ्टी जैकेट पहनकर नाव से निरीक्षण किया और अधिकारियों को सभी नावों की स्थिति दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
कितलाना स्कूल में लाइब्रेरी की व्यवस्था जांची
उन्होंने कहा कि मानसून से पहले सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ जल निकासी व्यवस्था मजबूत करें और जहां भी नालों व ड्रेनों में अवरोध है, उन्हें तुरंत हटाया जाए ताकि जलभराव की स्थिति न बने। निरीक्षण के दौरान डीसी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कितलाना पहुंचे जहां उन्होंने लाइब्रेरी व्यवस्था का अवलोकन किया। इसके अलावा गोशाला में पशुओं के लिए चारा, पानी, शेड और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थिति भी देखी।
ड्रेनों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश
उपायुक्त ने गांव धीराना कला के आंगनबाड़ी केंद्र, नंदगांव की ढाणी में जल निकासी के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन व लोहानी स्थित सिंचाई विभाग की वर्कशॉप में पंप सेट व मशीनरी की उपलब्धता का निरीक्षण किया। विभाग ने बताया कि उनके पास 42 डीजल और 55 बिजली पंप सेट उपलब्ध हैं। डीसी ने अमृत सरोवरों, तालाबों, नाला बंधों, एसटीपी दादरी रोड और ड्रेनों व जल संरक्षण संरचनाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी ड्रेनों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और बाढ़ राहत के लिए पंप सेट, नाव व अन्य उपकरण पूरी तरह क्रियाशील रखें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है और सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी की जा रही हैं।