भिवानी। तोशाम क्षेत्र के गांव धारवानबास में भाजपा नेता गुणपाल के बेटे प्रमोद पूनिया की हत्या रंजिश के चलते की गई थी। दोनों पक्षों के बीच पंचायत भी हुई थी। रंजिश की वजह एक लड़की से प्रमोद की नजदीकियां थीं। सोमवार को अदालत का फैसला आने के बाद गुणपाल ने कहा कि वह न्यायालय के फैसले से पूरी तरह संतुष्ट हैं। बेटे की हत्या में शमशेर और उसका परिवार मुख्य आरोपी था। उन्हें उम्रकैद की सजा मिलने से बेटे को न्याय मिला है। पुलिस ने प्राथमिकी में करीब सात लोगों को आरोपी बनाया था लेकिन पुलिस जांच और न्यायालय में पेश किए गए चालान व साक्ष्यों में उनकी कोई भूमिका साबित नहीं हो पाई। ऐसे में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।
गुणपाल ठेकेदारी का काम करते हैं। उन्होंने 2014 में कांग्रेस प्रत्याशी किरण चौधरी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। गुणपाल 1994-95 में तोशाम ब्लॉक समिति के चेयरमैन भी रह चुके हैं। उनकी पत्नी सुमन देवी वर्ष 2000 में गांव की सरपंच रह चुकी हैं। प्रमोद की हत्या के बाद 2022 में सुमन ने आईवीएफ तकनीक से दूसरे बेटे रीतिक को जन्म दिया। प्रमोद की एक छोटी बहन अन्नू पूनिया है जो बीए अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। तोशाम पुलिस ने 28 मई 2019 को प्रमोद की मौत के बाद इस मामले में हत्या की धाराएं जोड़ी थीं। पीडि़त पक्ष के अधिवक्ता राकेश नेहरा ने बताया कि शमशेर पक्ष की एक लड़की से प्रमोद की नजदीकी बढ़ने के कारण विवाद हुआ था। दोनों पक्षों के बीच पंचायत भी हुई लेकिन इसके बाद भी रंजिश बढ़ती चली गई। प्रमोद के सिर में गहरी चोटें लगी थीं जिसके कारण उसकी मौत हुई।