भिवानी। शहर के सबसे बड़े इलाके बैंक कॉलोनी में जनसुविधाओं की कंगाली छाई है। नाम के अनुरूप इस कॉलोनी में कोई भी ऐसी सुविधा नहीं हैं, जिसको लेकर कॉलोनी के लोग नहीं तरस रहे हैं। ऐसे में चार दशक पुरानी इस कॉलोनी में आबाद होने के बावजूद पीने का पानी है न सीवर लाइन। अधिकांश हिस्सा अब भी पानी और सीवर की सुविधा को तरस रहा है।
घरों के गंदे पानी की निकासी नहीं होने से पानी बाहर गलियों में जमा हो जाता है। जिससे उठने वाली बदबू आसपास के वातावरण को भी प्रदूषित कर रही है। बारिश के दौरान तो गंदे पानी की वजह से बारिश का पानी भी गंदे पानी के दरिया में बदल जाता है। जिन हिस्सों में सड़कें बन चुकी हैं वहां पर भी सीवर लाइन नहीं है। हालांकि कुछ अर्से पहले अमृत योजना के तहत पानी की लाइनें अनधिकृत दायरे की कॉलोनियों में भी डाली गई हैं।
बैंक कॉलोनी में लाखों रुपये खर्च कर घर बनाने वालों का कहना है कि जनसुविधाओं के लिए ही वे शहर में आए थे, लेकिन यहां आने के बाद गांव जैसा अहसास हुआ है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में यहां पीने का पानी नहीं मिलता जबकि बारिश के दिनों में यहां पानी की निकासी नहीं हो पाती। सर्दी के मौसम में यहां लंबे बिजली कट झेलने पड़ते हैं। दो वार्डों की हद में आने वाली बैंक कॉलोनी विकास के मामले में अब भी पिछड़ी है। सफाई और सीवर के गंदे पानी की निकासी को लेकर क्षेत्र के लोग विधायक से लेकर अधिकारियों तक गुहार लगा चुके हैं। बारिश के बाद तो गंदे पानी में मच्छर मक्खियों का प्रकोप भी बढ़ गया है।