बवानीखेड़ा(भिवानी)। गांव मिल्कपुर-चोरटापुर लिंक मार्ग पर गांव बड़सी के खेतों में बनी अवैध पटाखा फैक्टरी के अंदर जांच के लिए बवानीखेड़ा पुलिस शुक्रवार को दोबारा पहुंची। टीम ने वहां सील किए गए हिस्से की जांच की। वहीं हादसा स्थल से पटाखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली प्रेसिंग इलेक्ट्रिक मशीन और डाई को कब्जे में लिया और उसे थाने के मालखाने में जमा करा दिया। टीम ने विस्फोट स्थल के आसपास भी छानबीन की।
पुलिस की टीम ने पहले भी हादसा स्थल से मशीनों को कब्जे में लिया था, जबकि फैक्टरी के अंदर बरामद हुए विस्फोटक, तैयार पटाखों के अलावा कच्चा माल को वहीं पर चार कमरों के अंदर बंद कर बाहर से सील कर दिया था। फैक्टरी के मुख्य गेट पर भी सील लगाई गई थी। पुलिस द्वारा बरामद की गई प्रेसिंग इलेक्ट्रिक मशीन से एक बार में करीब सौ पटाखों को तैयार किया जाता था। इस मशीन में एक डाई का भी इस्तेमाल किया जाता था।
इसमें पटाखा को तैयार करने से पहले बारूद भरा जाता था। पटाखों में बारूद के अनुपात में थोड़ा सा भी बदलाव या हेरफेर होते ही विस्फोट की संभावना बढ़ जाती है। जब सचिन और मुस्कान पटाखा तैयार कर रहे थे तो उन्हें इसकी न तो पहले कोई ट्रेनिंग थी न कोई अनुभव। पहली बार ऐसा कार्य वे यहां करने आए थे।
पुलिस ने नहीं की अभी तक कोई गिरफ्तारी, जांच जारी
बवानीखेड़ा पुलिस ने अभी तक पटाखा फैक्टरी हादसे के बाद केस दर्ज किए जाने पर अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है। हालांकि पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में लगी है। पुलिस ने इस हादसे से जुड़े कई तथ्य जुटाए हैं। जबकि पुलिस ने इस प्रकरण में सीआईए सहित चार टीमों का भी गठन किया हुआ है।
बवानीखेड़ा थाने से शुक्रवार को पटाखा फैक्टरी में गया था और वहां से पटाखा तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली प्रेसिंग इलेक्ट्रिक मशीन और डाई को कब्जे में लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच-पड़ताल में जुटी है।
-जगदीश सिंह, जांच अधिकारी बवानीखेड़ा, पुलिस थाना।