हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डाॅ. वीपी यादव का कार्यकाल एक साल और बढ़ गया है। हरियाणा सरकार ने तीन अक्तूबर 2022 को डॉ. वीपी यादव को बोर्ड अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद से ही हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा में सुरक्षा मानक कड़े करना, बोर्ड की 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं में क्यूआर कोर्ड लागू करना, आईबी के साथ एमओयू साइन कर उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रणाली लागू करने के साथ-साथ मूल्यांकन कार्य में भी नए सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं। इससे पहले डॉ. यादव बोर्ड में वाइस चेयरमैन रह चुके हैं।
महेंद्रगढ़ के पटीकरा गांव के रहने वाले हैं डॉ. वीपी यादव
डॉ. वीपी यादव मूल रूप से महेंद्रगढ़ के गांव पटीकरा के रहने वाले हैं। काफी अर्से से वह रेवाड़ी में रह रहे हैं। उनके पिता प्रताप सिंह सेना में थे। इसलिए देश के विभिन्न स्थानों पर रहते हुए उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर से उन्होंने स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। एमडीयू रोहतक से एमएड करने के बाद आईईसी विवि हिमाचल से एलएलबी डिग्री की। वर्ष 1998 में उन्होंने रेवाड़ी में यदुवंशी कॉन्वेंट स्कूल की स्थापना की। वह सनग्लो इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक हैं।
यूनेस्को की ओरल कांफ्रेंस में कर चुके देश का प्रतिनिधित्व
डॉ. वीपी यादव ने 2010 में बैंकाक में हुई यूनेस्को इंटरनेशनल ओरल कांफ्रेंस में देश का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा शिक्षा जगत से जुड़े अनेक संगठन से भी वे जुड़े हैं।
बोर्ड को नई ऊंचाई देना होगी प्राथमिकता : यादव
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. वीपी यादव ने हरियाणा सरकार द्वारा एक साल के कार्यकाल बढ़ाए जाने पर कहा कि उनकी प्राथमिकता शिक्षा बोर्ड को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की रहेगी। बोर्ड की कई ऐसी महत्वाकांक्षी योजनाएं अभी लाइन में हैं, जिनके सिरे चढ़ने के बाद बोर्ड देश के प्रमुख शिक्षा बोर्डों में अग्रणी होगा। वहीं तय समय पर रिजल्ट की घोषणा करने और क्यूआर कोड से बोर्ड की परीक्षाएं कराने का कीर्तिमान भी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के नाम हो चुका है।