भिवानी में गांव मुंढाल के खेतों में छाई धुंध।
भिवानी। प्रदेश के कई जिलों में जलाई गई पराली और दिवाली पर अधिक आतिशबाजी का असर अब दिखने लगा है। हवा में घुले प्रदूषण से आसमान में धुंध छा गई है। जिले में सोमवार को एक्यूआई 214 दर्ज किया गया जबकि दिवाली से पहले एक्यूआई 178 था।
हवा में प्रदूषण बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सांस रोगियों समेत कई लोगों की सेहत संबंधी विकार सामने आने लगे हैं। आंखों में जलन हो रही है। जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने संबंधित एजेंसियों को शहर के मुख्य रास्तों और जगहों पर हवा में बौछार कर पानी के छिड़काव के निर्देश दिए हैं।
जिले में पराली जलाने का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन प्रदेश के अन्य जिलों में पराली जलाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। तेज हवा चलने से अब प्रदूषण की धुंध आबोहवा में छा गई है। दिवाली पर हुई बेतहाशा आतिशबाजी भी इसका प्रमुख कारण मानी जा रही है। ऐसे में सोमवार की सुबह का आगाज प्रदूषण की धुंध से हुआ।
धुंध छाने से सड़कों पर 200 मीटर से अधिक की दृश्यता नहीं थी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल कुछ दिन ऐसा ही मौसम रहने की उम्मीद है, क्योंकि हवा के प्रवाह के साथ ही ये धुंध अब अन्य जिलों में भी छाने लगा है। ये धुंध बारिश होने पर ही छंट सकती है। तभी एक्यूआई में कुछ सुधार हो सकेगा।
तोशाम के खानक जोन में 175 से अधिक क्रशर का संचालन हो रहा है। खानक से भवन निर्माण सामग्री पूरे प्रदेश सहित देश के अन्य हिस्सों में भी जाती है। फिलहाल ग्रेप दो के आदेशों में भी इनका संचालन किया जा रहा है लेकिन क्रशर जोन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ग्रेप की तरफ से कुछ हिदायतों का पालन किया जा रहा है। अगर प्रदूषण का स्तर बढ़ा तो ग्रेप तीन लागू हो जाएगा।
इसमें क्रशरों का शोरगुल भी थम जाएगा। ऐसे में भवन निर्माण सामग्री के दामों में उछाल आने और निर्माण सामग्री की कमी का खतरा है। इसका असर निजी निर्माण कार्यों के साथ ही सरकारी परियोजनाओं पर भी पड़ सकता है।