भिवानी। शहर के जिला नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में सर्दी के चलते मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बाल रोग ओपीडी में प्रतिदिन 120 मरीज जांच करवाने आते हैं।
ओपीडी में आने वाले मरीजों में ज्यादातर बच्चे खांसी, जुकाम व बुखार से ग्रस्त हैं। बच्चों में खांसी व बुखार लंबे समय तक रहने पर निमोनिया का रूप ले रहा है।
नागरिक अस्पताल में कार्यरत बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रीटा ने बताया कि सर्दी के चलते ओपीडी में आने वाले बच्चों में फिलहाल खांसी, जुकाम, बुखार के साथ दस्त व एलर्जी के मरीज देखे जा रहे हैं। वहीं चिकित्सकों ने अभिभावकों से भी बच्चों को सर्दी में होने वाले संक्रमण से बचाने के लिए सुझाव दिए हैं।
विशेषज्ञ ने कहा कि बच्चों को सर्दी में घर के अंदर रखें। बच्चों के शरीर को ढक कर रखें। वर्तमान समय में बाजारों में आसानी से भाप की मशीन (नेबुलाइजर) मिल रही है। इसके चलते हर घर में भाप की मशीन होने के कारण लोग अपनी मर्जी से बच्चों को भाप दे रहे हैं। लेकिन बिना चिकित्सक की सलाह के भाप नहीं देनी चाहिए।
छोटे बच्चों को भाप देने से बचना चाहिए। लेकिन बच्चों को जल्दी ठीक करने के चक्कर में इस तरह की गलती नहीं करना चाहिए। बच्चे मास्क नहीं पहन सकते हैं। इसलिए संक्रमण से बचाने के लिए अगर घर पर किसी को भी खांसी व जुकाम है तो बच्चों से दूरी बना कर रखें।
बच्चों के लिए सुझाव :
बच्चों को भाप देने से बचें।
बच्चों को ठिठुरन भरी ठंड में घर के अंदर रखें।
शरीर को पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढ़क कर रखें।
किसी भी संक्रमित व्यक्ति से बच्चों को दूर रखें।
चिकित्सक की सलाह के बिना कोई दवा नहीं दे।
खांसी व जुकाम होने पर तुरंत डॉ. से चैकअप करवाएं।
बिना सलाह के घरेलू उपचार करने से बचें।
चार से पांच दिन से ज्यादा खांसी रहने पर गंभीरता से लें।
सर्दी में बच्चों में खांसी व जुकाम के मरीज ज्यादा देखे जा रहे हैं। लेकिन बच्चों को लोग घरों में अपनी मर्जी से भाप दे रहे हैं। ऐसी गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। अगर बच्चे को खांसी है तो चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही उपचार शुरू करें। - डॉ. रीटा बाल रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल, भिवानी।